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Jaunpur News: हत्या के जुर्म में मिली उम्रकैद
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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनिल कुमार यादव ने सिकरारा थाना क्षेत्र में नौ वर्ष पूर्व अशोक कुमार हलवाई की हत्या के मामले में दोषी बांकेलाल यादव को उम्रकैद एवं हजार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वादिनी बुधना देवी निवासी रईया गुलजारगंज थाना सिकरारा ने प्राथमिकी दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार छह अगस्त 2014 को सुबह 10 बजे वादिनी का पुत्र अशोक कुमार हलवाई बाजार के पीछे स्थित खेत में कुछ कार्य करने गया था। पुराने जमीन विवाद को लेकर गांव के बांकेलाल यादव हाथ में फावड़ा लेकर बेटे को दौड़ा लिया। अशोक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन बांकेलाल ने उसके सिर में फावड़े से वार कर दिया। अशोक बेहोश होकर गिर गया। जानकारी मिलने पर घर के लोग उसे जिला चिकित्सालय ले गए जहां से चिकित्सकों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान दूसरे दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील प्रदीप कुमार ने कोर्ट में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी बांकेलाल को हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। मुकदमे में प्रभावी पैरवी थानाध्यक्ष सिकरारा दिव्य प्रकाश सिंह ने किया।
हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
जौनपुर। जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने खेतासराय थाना क्षेत्र में आपसी विवाद को लेकर 10 वर्ष पूर्व वादी के भाई हमजा की गोली मारकर हत्या करने के दोषी अशरफ आलम को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य आरोपी नैय्यर, नसीरुद्दीन एवं अबू बकर को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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वादी गुफरान अहमद निवासी ग्राम सोंगर, थाना खेतासराय ने घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार 12 सितंबर 2013 को 6:40 बजे शाम को वह सोंगर मदरसे के पास होटल पर चाय पी रहा था। इतने में गांव के अशरफ आलम, नैय्यर आलम, नसीरुद्दीन व अबू बकर गांव की तरफ से आए और फिरोज से हाथापाई करने लगे। वादी का भाई हमजा बीच-बचाव करने लगा। चारों लोग वादी के भाई को गाली देते हुए कहने लगे तुम क्यों बीच में आ गए। हमजा ने कहा कि बुजुर्ग आदमी को क्यों मार रहे हो। इस पर आरोपियों ने ललकारा कि इसे मार दो नहीं तो पूरे क्षेत्र में हम लोगों का दबदबा खत्म हो जाएगा। इस पर अशरफ ने वादी के भाई पर फायर कर दिया। अन्य आरोपित भी असलहा तानकर लहराए जिससे वहां भगदड़ मच गई। दहशत फैल गई। लोग अपने घरों में दुबक गए आरोपी असलहा लहराते हुए और धमकी देते हुए कहा कि जो हमारे खिलाफ गवाही देगा उसे भी खत्म कर देंगे। आरोपी भदेठी की तरफ चला गए। वादी के भाई की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। डीजीसी फौजदारी सतीश पांडेय व विनीत शुक्ला ने कोर्ट में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अशरफ आलम को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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वादिनी बुधना देवी निवासी रईया गुलजारगंज थाना सिकरारा ने प्राथमिकी दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार छह अगस्त 2014 को सुबह 10 बजे वादिनी का पुत्र अशोक कुमार हलवाई बाजार के पीछे स्थित खेत में कुछ कार्य करने गया था। पुराने जमीन विवाद को लेकर गांव के बांकेलाल यादव हाथ में फावड़ा लेकर बेटे को दौड़ा लिया। अशोक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन बांकेलाल ने उसके सिर में फावड़े से वार कर दिया। अशोक बेहोश होकर गिर गया। जानकारी मिलने पर घर के लोग उसे जिला चिकित्सालय ले गए जहां से चिकित्सकों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान दूसरे दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील प्रदीप कुमार ने कोर्ट में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी बांकेलाल को हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। मुकदमे में प्रभावी पैरवी थानाध्यक्ष सिकरारा दिव्य प्रकाश सिंह ने किया।
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हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
जौनपुर। जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने खेतासराय थाना क्षेत्र में आपसी विवाद को लेकर 10 वर्ष पूर्व वादी के भाई हमजा की गोली मारकर हत्या करने के दोषी अशरफ आलम को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य आरोपी नैय्यर, नसीरुद्दीन एवं अबू बकर को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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वादी गुफरान अहमद निवासी ग्राम सोंगर, थाना खेतासराय ने घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार 12 सितंबर 2013 को 6:40 बजे शाम को वह सोंगर मदरसे के पास होटल पर चाय पी रहा था। इतने में गांव के अशरफ आलम, नैय्यर आलम, नसीरुद्दीन व अबू बकर गांव की तरफ से आए और फिरोज से हाथापाई करने लगे। वादी का भाई हमजा बीच-बचाव करने लगा। चारों लोग वादी के भाई को गाली देते हुए कहने लगे तुम क्यों बीच में आ गए। हमजा ने कहा कि बुजुर्ग आदमी को क्यों मार रहे हो। इस पर आरोपियों ने ललकारा कि इसे मार दो नहीं तो पूरे क्षेत्र में हम लोगों का दबदबा खत्म हो जाएगा। इस पर अशरफ ने वादी के भाई पर फायर कर दिया। अन्य आरोपित भी असलहा तानकर लहराए जिससे वहां भगदड़ मच गई। दहशत फैल गई। लोग अपने घरों में दुबक गए आरोपी असलहा लहराते हुए और धमकी देते हुए कहा कि जो हमारे खिलाफ गवाही देगा उसे भी खत्म कर देंगे। आरोपी भदेठी की तरफ चला गए। वादी के भाई की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। डीजीसी फौजदारी सतीश पांडेय व विनीत शुक्ला ने कोर्ट में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अशरफ आलम को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।