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आजीवन नशे से दूर रहने का लिया संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Fri, 26 Jun 2015 11:50 PM IST
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विश्व नशा निरोध दिवस पर शुक्रवार को विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें शामिल लोगों ने आजीवन नशा सामग्री से दूर रहने का संकल्प लिया।
दवा व्यवसायिों की ओर से आयोजित गोष्ठी में लोगों को नशाखोरी से होन वाले नुकसान के बारे में बताया गया। पुलिस कार्यालय में एसपी भारत सिंह यादव ने पुलिस कर्मियो को आजीवन नशा सामग्री से दूर रहने की शपथ दिलाई।
दवा व्यवसायिों ने सुर्ती, गुटखा, सिगरेट का पैकेट जलाकर नशाखोरी से दूर रहने का संकल्प लिया। एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में धूम्रपान से होने कैन्सर जैसी बीमारियो के बारे में जानकारी दी गई।
केमिस्ट एड कास्मेािक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी शामिल लोगों ने नशा सामग्री से दूर रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। संगठन के अध्यक्ष राजय यादव ने कहा कि नशा और नशीली दवाएं समाज और भावी
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पीढ़ी को खोखला कर रही हैं। दवा व्यवसायियों की जिम्मेदारी है कि वे इसकी रोकथाम में अहम भूमिका निभाएं। संयोजक देवेश निगम ने कहा कि तमाम ऐसी सामान्य दवाएं हैं जिसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा है।
ऐसी दवाएं मांगने वाले ग्राहकों को चिन्हित कर दिया जा सकता है। दवा व्यवसायियों ने नशा सामग्री का प्रयोग और इसके प्रसार पर रोक लगाने की शपथ ली। लोगों ने दोहरा, सुर्तोी, गुटखा आदि का पैकेट जलाकर इसका विरोध किया। संचालन सचिव राजेंद्र निगम ने किया।
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दवा व्यवसायिों की ओर से आयोजित गोष्ठी में लोगों को नशाखोरी से होन वाले नुकसान के बारे में बताया गया। पुलिस कार्यालय में एसपी भारत सिंह यादव ने पुलिस कर्मियो को आजीवन नशा सामग्री से दूर रहने की शपथ दिलाई।
दवा व्यवसायिों ने सुर्ती, गुटखा, सिगरेट का पैकेट जलाकर नशाखोरी से दूर रहने का संकल्प लिया। एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में धूम्रपान से होने कैन्सर जैसी बीमारियो के बारे में जानकारी दी गई।
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केमिस्ट एड कास्मेािक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी शामिल लोगों ने नशा सामग्री से दूर रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। संगठन के अध्यक्ष राजय यादव ने कहा कि नशा और नशीली दवाएं समाज और भावी
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पीढ़ी को खोखला कर रही हैं। दवा व्यवसायियों की जिम्मेदारी है कि वे इसकी रोकथाम में अहम भूमिका निभाएं। संयोजक देवेश निगम ने कहा कि तमाम ऐसी सामान्य दवाएं हैं जिसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा है।
ऐसी दवाएं मांगने वाले ग्राहकों को चिन्हित कर दिया जा सकता है। दवा व्यवसायियों ने नशा सामग्री का प्रयोग और इसके प्रसार पर रोक लगाने की शपथ ली। लोगों ने दोहरा, सुर्तोी, गुटखा आदि का पैकेट जलाकर इसका विरोध किया। संचालन सचिव राजेंद्र निगम ने किया।