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कंधी पुल के पास दिखा तेंदुए जैसा जानवर, लोग भयभीत
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बरईपार। मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के कंधी गांव स्थित सई नदी के पुल के पास शनिवार की देर शाम तेंदुए जैसा जानवर दिखने से ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत फैल गई है। सूचना पर वन विभाग की टीम सकरा और चोरहा गांव के जंगल में जानवर की तलाश करने की तैयारी कर रही है। इस इलाके में इसके पहले भी ऐसे ही जानवर के हमले में तीन लोग घायल हो गए थे। उस वक्त भी वन विभाग की टीम ने कई दिनों तक आस पास के जंगलों में तलाश की लेकिन जानवर का पता नहीं चल सका था।
सकरा गांव निवासी श्रवण कुमार पांडेय और अनुराग पांडेय शनिवार की शाम महराजगंज से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। करीब नौ बजे वे कंधी पुल के पास पहुंचे तभी बीच सड़क पर सन्नाटे में बैठा तेंदुए जैसा जानवर गाड़ी की लाइट पड़ते ही खड़ा हो गया। बाइक सवार ने गाड़ी रोक कर शोर मचाया तो जानवर छलांग लगाकर बगल की झाडिय़ों में चला गया। शोर सुनकर आसपास के गांवों के लोग जुट गए। सई नदी के किनारे के गांव में रहने वाले डरे सहमे हैं। अभी एक सप्ताह पूर्व इसी गांव निवासी सुनील पांडेय और पवन भी रात में सड़क पार करते हुए कुत्ते से बड़े आकार का चित्तीदार जानवर देखा था। ग्रामीणों का मानना है कि जानवर कंधी गांव की सीमा से लगे सकरा और चोरहा गांव के जंगलों में रहता है। उसके भय से लोग अब अपने मवेशियों को भी जंगल की ओर ले जाना बंद कर दिए। वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि सूचना मिली है जल्द ही सई नदी के किनारे के जंगलों में वन विभाग की टीम जानवर की तलाश करेगी। अभी जनवरी-फरवरी में ककोहिया गांव में ऐसी ही जानवर ने तीन लोगों को घायल कर दिया था। उस वक्त एक सप्ताह तक वन अधिकारियों ने जंगलों में जनवर की तलाश की थी लेकिन किसी जानवर का पता नहीं चल सका था।
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सकरा गांव निवासी श्रवण कुमार पांडेय और अनुराग पांडेय शनिवार की शाम महराजगंज से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। करीब नौ बजे वे कंधी पुल के पास पहुंचे तभी बीच सड़क पर सन्नाटे में बैठा तेंदुए जैसा जानवर गाड़ी की लाइट पड़ते ही खड़ा हो गया। बाइक सवार ने गाड़ी रोक कर शोर मचाया तो जानवर छलांग लगाकर बगल की झाडिय़ों में चला गया। शोर सुनकर आसपास के गांवों के लोग जुट गए। सई नदी के किनारे के गांव में रहने वाले डरे सहमे हैं। अभी एक सप्ताह पूर्व इसी गांव निवासी सुनील पांडेय और पवन भी रात में सड़क पार करते हुए कुत्ते से बड़े आकार का चित्तीदार जानवर देखा था। ग्रामीणों का मानना है कि जानवर कंधी गांव की सीमा से लगे सकरा और चोरहा गांव के जंगलों में रहता है। उसके भय से लोग अब अपने मवेशियों को भी जंगल की ओर ले जाना बंद कर दिए। वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि सूचना मिली है जल्द ही सई नदी के किनारे के जंगलों में वन विभाग की टीम जानवर की तलाश करेगी। अभी जनवरी-फरवरी में ककोहिया गांव में ऐसी ही जानवर ने तीन लोगों को घायल कर दिया था। उस वक्त एक सप्ताह तक वन अधिकारियों ने जंगलों में जनवर की तलाश की थी लेकिन किसी जानवर का पता नहीं चल सका था।
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