अंकुर शुक्ला जौनपुर। कभी गांव के कुछ लोग ताना देते थे कि तीन बहनों में इकलौते बेटे को फेंसिंग सिखा रहे हो और बेटी को भी तलवारबाजी में क्यों लगा दिया। मंगदपुर सैदपुर गड़उर निवासी विपिन पांडेय और उनकी बड़ी बहन स्नेहा पांडेय ने इन बातों को नजरअंदाज कर फेंसिंग को अपना जुनून बनाया। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर दोनों राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। अब उनकी निगाह अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने पर है। विपिन (18) बीए द्वितीय और स्नेहा (19) बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। दोनों का घर इंदिरा गांधी स्टेडियम से करीब दो किलोमीटर दूर है। रोज बाइक से स्टेडियम पहुंचकर सुबह छह से आठ और शाम तीन से छह बजे तक अभ्यास करते हैं। अभ्यास के दौरान भाई-बहन खुद होते हैं एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी : अभ्यास के दौरान दोनों एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी भी बनते हैं। कभी स्नेहा आगे रहती हैं तो कभी विपिन। यही मुकाबला दोनों को बेहतर करने में मदद करता है। विपिन बताते हैं कि उन्होंने 14 और स्नेहा ने 15 साल की उम्र में फेंसिंग शुरू की थी। इसके पीछे परिवार के ही विशाल पांडेय की प्रेरणा रही। बड़े पिता अशोक पांडेय के बेटे विशाल पहले भाला फेंकने का अभ्यास करते थे और स्टेडियम आते थे। उन्होंने ही परिवार में प्रस्ताव रखा है, उनके कहने पर परिवार के लोग तैयार हुए। शुरुआती दौर में संसाधनों की कमी थी। अभ्यास के सामान नहीं थे, लेकिन अब पूरी किट है। विपिन साइकिल से स्टेडियम आते थे। परिवार ने साथ दिया तो दोनों ने धीरे-धीरे इस खेल में अपनी जगह बनानी शुरू कर दी। विपिन ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड, नासिक और बिहार की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। नासिक में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने देश में 21वां स्थान हासिल किया। साल 2022 में बिहार कैडेट वर्ग और साल 2024 में बिहार स्टेट जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। स्नेहा ने भी कई राज्यों में आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया है।
साल 2024 में छत्तीसगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय सीनियर वर्ग की फेंसिंग प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।