फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Just after being crushed by the death of a student , organically

बस से कुचलकर छात्रा की मौत, बवाल

Sat, 21 Feb 2015 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Sat, 21 Feb 2015 12:32 AM IST
विज्ञापन
Just after being crushed by the death of a student , organically
बाबतपुर-जमालापुर रोड पर लगधरपुर गांव में शुक्रवार को बस से कुचलकर छात्रा की मौत के बाद बवाल हो गया। छात्रा को रौंदने के बाद भाग रही बस को छात्रा के भाई और ग्रामीणों ने पीछा कर फूलपुर के समीप पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद बस यूनियन के लोगों ने उनकी पिटाई कर दी।
विज्ञापन


इससे नाराज ग्रामीणों ने नेवढि़या में पीछे से जा रही एक दूसरी बस पर अपना गुस्सा उतार दिया। बस में जमकर तोड़फोड़ की और सड़क पर जाम लगा दिया। नेवढि़या थाने की पुलिस के अलावा मडि़याहूं एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन


नेवढि़या थानाक्षेत्र के लगधरपुर गांव निवासी स्व. कुसुम पटेल की पुत्री डिंपल हिमताज महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे के आसपास वह कालेज से साइकल से घर लौटी। जमालापुर-बाबतपुर रोड के किनारे ही मकान स्थित होने के नाते वह रोड से नीचे उतर रही थी कि बाबतपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार बस ने उसे रौंद दिया। छात्रा बस में फंसकर तकरीबन 15 मीटर तक घिसटती चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। यह देखकर घर के लोग सन्न हो गए। छात्रा के भाई और गांव के कुछ लोगों ने बस का पीछा कर लिया। फूलपुर के घमहापुर में ग्रामीणों ने पीछा कर बस को पकड़ लिया। छात्रा के भाई का कहना है कि बस यूनियन के लोगों ने वहां उनकी जमकर पिटाई कर दी। लौटकर घर आए छात्रा के भाई और ग्रामीणों ने जब कहानी सुनाई तो ग्रामीण उग्र हो गए। ग्रामीणों ने दोपहर करीब पौने एक बजे छात्रा का शव रखकर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इसी बीच पीछे से आ रही एक बस को रोक कर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया।

बस के शीशे तोड़ दिए गए । चक्काजाम कर रहे ग्रामीण रोड पर प्राइवेट बसों का संचालन बंद करने और बस यूनियन के लोगों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। गुस्साए ग्रामीण बस को फूंकने की फिराक में थे, लेकिन नेवढि़या थानेदार विश्वजीत प्रताप सिंह के हमराहियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच जाने के कारण रुक गए।


उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी जिद पर अड़े थे। इसके बाद मडि़याहूं एसडीएम रामकेश यादव घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। शाम साढ़े चार बजे तक मसले का हल नहीं निकल सका था और जाम लगा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed