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आयुष्मान कार्ड बनाने में जौनपुर तीसरा स्थान पर
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चार मई से शुरू हुये आयुष्मान पखवाड़ा के दौरान जनपद में रिकॉर्ड आयुष्मान कार्ड बनाए गए। अब तक 20 हजार आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही जौनपुर ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस क्रम में पहले स्थान पर उन्नाव व दूसरे पर गाजीपुर है। अभियान में प्रगति को देखते हुये इसकी समय सीमा आगे बढ़ा दी गई है। अब यह अभियान 31 मई तक चलेगा।जनपद में 1,42,205 लक्षित परिवार तथा 7,11,025 लाभार्थी हैं। जनपद में अंत्योदय राशन कार्ड के कुल 1,25,472 लाभार्थी परिवार हैं, जिनसे संबंधित 4,14,516 लाभार्थी हैं। अब सभी अंत्योदय राशन कार्ड धारक अपने परिवार के सभी सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान कार्ड धारक योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज पूरे देश में सूचीबद्ध किसी भी अस्पताल में करवा सकता है।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि योजना के तहत जिले में अब तक 3,70,530 कार्ड बन चुके हैं और 15,341 मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जा चुका है। इन लोगों के इलाज पर 17.42 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। योजना के तहत इलाज के लिए जनपद में सरकारी अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में विशेष विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों के माध्यम से इलाज की सुविधा है। आयुष्मान कार्ड होने पर लाभार्थी देश के किसी भी बड़े चिकित्सालय जैसे आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (एम्स), बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), टाटा मेमोरियल, पीजीआई में भी लाभार्थी अपना इलाज करा सकता है। उन्होंने जनपद के लाभार्थियों से अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी किसी को इलाज में दिक्कत आ रही है तो राज्य स्तर से गठित डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट के अधिकारियों से सम्पर्क कर सकता है। आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक डॉ बद्री विशाल पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का जिन्हें पत्र मिला है। अंत्योदय कार्ड (गुलाबी राशनकार्ड) धारक, बिल्डिंग एंड अदर कंसट्रक्शन वर्कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। वह पत्र के साथ राशनकार्ड और आधार कार्ड लेकर नजदीकी आयुष्मान मित्र या जनसेवा केंद्र के विलेज लेवल इन्टरप्रीनियर (वीएलई) से सम्पर्क कर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
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आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि योजना के तहत जिले में अब तक 3,70,530 कार्ड बन चुके हैं और 15,341 मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जा चुका है। इन लोगों के इलाज पर 17.42 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। योजना के तहत इलाज के लिए जनपद में सरकारी अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में विशेष विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों के माध्यम से इलाज की सुविधा है। आयुष्मान कार्ड होने पर लाभार्थी देश के किसी भी बड़े चिकित्सालय जैसे आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (एम्स), बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), टाटा मेमोरियल, पीजीआई में भी लाभार्थी अपना इलाज करा सकता है। उन्होंने जनपद के लाभार्थियों से अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी किसी को इलाज में दिक्कत आ रही है तो राज्य स्तर से गठित डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट के अधिकारियों से सम्पर्क कर सकता है। आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक डॉ बद्री विशाल पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का जिन्हें पत्र मिला है। अंत्योदय कार्ड (गुलाबी राशनकार्ड) धारक, बिल्डिंग एंड अदर कंसट्रक्शन वर्कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। वह पत्र के साथ राशनकार्ड और आधार कार्ड लेकर नजदीकी आयुष्मान मित्र या जनसेवा केंद्र के विलेज लेवल इन्टरप्रीनियर (वीएलई) से सम्पर्क कर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
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