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जौनपुरः बीत गया यातायात माह, व्यवस्थाओं में नहीं आया सुधार

Tue, 01 Dec 2020 11:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Dec 2020 11:23 PM IST
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Jaunpur Month of traffic passed arrangements not improved
कलेक्ट्रेट इलाके में जाम के कारण लगी वाहनों की कतार। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। यातायात माह चुनाव और त्योहारों में ही बीत गया। विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया लेकिन वह भी प्रभावकारी नहीं रहा। स्कूल-कॉलेज बंद होने के कारण छात्रों को जागरूक करना संभव न हो सका और आते-जाते लोगों से गांधीगिरी और पंफ्लेट बांटने जैसे उपायों पर यातायात नियमों की धज्जी उड़ाने वालों ने ध्यान ही नहीं दिया। लिहाजा न तो शहर की यातायात व्यवस्था पटरी और न हादसे नियंत्रित हुए।
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नवंबर महीने का करीब एक पखवाड़ा चुनाव और त्योहारों में ही बीत गया। जिले के मल्हनी विधानसभा में उप चुनाव के चलते शुरुआत में यातायात जागरूकता के लिए भी कोई खास आयोजन नहीं हो सका। बाद में धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा आ गई। दूसरे पखवाड़े में जागरूकता रैली, चालकों का नेत्र परीक्षण, चौराहों पर हेलमेट व सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने के लिए चालकों को जागरूक किया गया। मगर यह सब रस्म अदायगी जैसा ही रहा। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए न तो पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई और न ही संसाधनों में बढ़ोत्तरी हुई। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर नियंत्रण नहीं लगाया जा सका। ट्रैफिक लाइट और जेब्रा क्रासिंग जैसे इंतजाम भी नहीं किए गए।
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लॉक डाउन के चलते हुए कम हादसे
जौनपुर। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल जिले में सड़क हादसों में कमी दर्ज की गई है। इसके पीछे वजह लॉक डाउन को माना जा रहा है। आकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2019 में जिले भर में 621 सड़क हादसे हुए थे। इसमें से 334 लोगों की मौत हुई थी और 357 घायल हुए थे। वहीं इस साल जनवरी से नवंबर तक कुल 428 सड़क हादसे हुए, जिसमें 276 लोगों की मौत हुई और 206 घायल हुए। इस तरह इस साल सड़क हादसों में 193 की कमी और हादसों में होने वाली मौत में 58 की कमी दर्ज की गई है।
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इस साल नवंबर महीन में करीब 15 दिन का समय चुनाव और त्योहारों में ही बीत गया। बाकी समय में यातायात जागरुकता के लिए बेहतर करने की कोशिश की गई है। यातायात नियमों के प्रति जागरूकता से ही हादसों में कमी आ सकती है। -वीरेंद्र कुमार बरवार, प्रभारी यातायात पुलिस
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