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जौनपुर: फरवरी में जिसकी हुई मौत उस पर अगस्त में दर्ज हुआ केस...

Sat, 22 Aug 2020 11:16 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sat, 22 Aug 2020 11:16 PM IST
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Jaunpur: Case filed in August on the person who died in February
एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

जौनपुर जिले की शहर कोतवाली में दो ऐसे लोगों पर बलवा और लूट का केस दर्ज हुआ है, जिनकी घटना से काफी पहले ही मौत हो चुकी है। चार दिन पूर्व दर्ज हुए इस केस में पुलिस ने छानबीन शुरू की तो यह तथ्य सामने आया। पुलिस पशोपेश में है कि महीनों पूर्व जिसकी मौत हो गई, वह मारपीट करने कैसे पहुंच गया। मामला शहर के कालीकुत्ती मोहल्ले में 18 अगस्त को कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के साथ मारपीट के मामले से जुड़ा है। जिन दो मृतकों पर केस दर्ज हुआ है, उसमें एक दीवानी बार के अधिवक्ता भी रह चुके हैं।

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कालीकुत्ती मोहल्ला निवासी एवं कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने शहर कोतवाली में 18 अगस्त को चार लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा और लूट का केस दर्ज कराया है। अधिवक्ता विजय प्रताप की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि वह 18 अगस्त को सुबह करीब दस बजे कलेक्ट्रेट जा रहे थे। कालीकुत्ती मोहल्ले के पास रास्ते में देखा कि भीड़ जुटी थी।
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वहां मौजूद बेटे सौरभ को देख वह रुके और भीड़ में चले गए तो लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उनके गले से सोने की चेन व जेब से रुपये लूट लिए। अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह की तहरीर पर पुलिस ने कालीकुत्ती मोहल्ला निवासी रामप्रसाद, जय प्रकाश, ओम प्रकाश एवं राहुल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
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पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी ओमप्रकाश दीवानी में अधिवक्ता थे। उनकी इसी साल तीन फरवरी को मौत हो चुकी है। वहीं दूसरे आरोपी ओमप्रकाश के चचेरे भाई राम प्रसाद की 14 जनवरी 2008 को मौत हो चुकी है। उनके मूल निवास जंगीपुर सरपतहा की प्रधान बदामा देवी ने मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिया है। 

शहर कोतवाली प्रभारी पवन कुमार उपाध्याय का कहना है कि पुलिस की जांच में यह पता चला है कि अधिवक्ता विजय प्रताप ने जिन चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया और आरोप लगाया था कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर छोड़ भी दिया उनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी है।

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