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हर तरफ जाम, सात घंटे तक रेंगता रहा शहर

Mon, 23 Nov 2020 11:53 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Nov 2020 11:53 PM IST
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Jam, jam and bus jam, the city kept crawling for seven hours
ओलनंदगंज में लगा भीषण जाम घंटो जाम में कराहते रहे लोग। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जाम, जाम और बस जाम। सोमवार को यही स्थिति रही शहर की। कोई भी सड़क या गली नहीं बची, जो जाम की जद में न आई हो। सड़क पर वाहन रेंगते रहे। आलम यह रहा कि एक किमी की दूरी तय करने में भी कइयों को घंटों लग गए। जाम में फसे लोग बाहर निकलने के लिए छटपटाते रहे, मगर तमाम कोशिशों के बाद भी कोई युक्ति काम नहीं आई। करीब सात घंटे तक पूरा शहर जाम में जकड़ा रहा।
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त्योहारों के बाद दफ्तर खुलने, स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने और आगामी लगन की खरीदारी के लिए सोमवार को शहर के बाजार में बेतहाशा भीड़ उमड़ी। नतीजा सुबह 10 बजे से ही जाम का सिलसिला शुरू हो गया। पहले ओलंदगंज से चहारसू बाजार की ओर वाहनों की कतार लगी तो फिर धीरे-धीरे पूरा शहर इसकी जद में आ गया। नईगंज तिराहा से पॉलीटेक्निक चौराहा, वाजिदपुर तिराहा, जेसीज चौराहा, पचहटिया तक वाहनों की लंबी कतार लगी थी तो जेसीज से ओलंदगंज, चहारसू होते हुए कोतवाली, सुक्खीपुर और कुत्तुपुर तक वाहन रेंगते रहे। यही हाल मछलीशहर और बदलापुर पड़ाव का भी था। मुख्य मार्ग पर जाम से बचने के लिए लोगों ने गलियों के शार्टकट को चुना तो वहां भी वाहनों की भीड़ के कारण जाम लगने से स्थिति भयावह हो गई। कहने के लिए तो पुलिस के जवान सड़कों पर उतरकर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए मशक्कत करते रहे, मगर उनकी मुट्ठीभर संख्या नाकाफी साबित हुई। शाम पांच बजे तक निरंतर जाम बना रहा। बीच-बीच में कुछ देर के लिए यातायात सुचारू भी हुआ, लेकिन चंद मिनटों बाद फिर से वाहन खड़े हो जा रहे थे।
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दुकानों के अतिक्रमण और पटरियों पर अवैध पार्किंग बनी वजह
जाम की मुख्य वजह सड़कों पर भीड़ से ज्यादा दुकानों के सामने अतिक्रमण और अवैध पार्किंग रहा। ओलंदगंज, जेसीज, चहारसू आदि इलाकों में कई दुकानदार सड़क तक सटाकर दुकान सजाते हैं। इसके बाद जो जगह बचती है, वहां वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। शाही पुल से कसेरी बाजार, चहारसू, हरलालका रोड पर अवैध पार्किंग के चलते सड़क सिकुड़कर आधी हो जाती है। ओलंदगंज से जेसीज चौराहा मार्ग पर लबे रोड चार पहिया वाहन पार्क कर लोग बैंक और दुकानों में जाकर अपने काम निपटाते हैं। इस पूरे इलाके में सैकड़ों दुकानें हैं, लेकिन किसी के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है और न ही सार्वजनिक पार्किंग का ही कहीं इंतजाम किया गया है। भीड़भाड़ के समय बड़े वाहनों का प्रवेश भी जाम का कारण बना।
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बस कागजों में ही बनती है योजना
जाम की यह समस्या सिर्फ आम राहगीर ही नहीं दुकानदारों और पुलिस-प्रशासन के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है, लेकिन समाधान के लिए कोई आगे नहीं आ रहा। प्रशासनिक तंत्र आए दिन यह दावा करता है कि अतिक्रमण और अवैध पार्किंग वालों पर कार्रवाई होगी। दुकानदार खुद हर बाजार में पार्किंग का इंतजाम करें या जल्द सार्वजनिक पार्किंग की सुविधा दी जाएगी, मगर आज तक इनमें से किसी भी बात पर अमल नहीं हुआ। बस योजनाएं कागजों में बनती हैं और उसी से जनता को संतुष्ट कर अफसर शांत बैठ जाते हैं।
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