{"_id":"67573ec516e7d6d58f015b74","slug":"investigations-are-being-done-in-two-hospitals-on-the-basis-of-one-radiologist-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-126296-2024-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: एक रेडियोलाजिस्ट के भरोसे दो अस्पतालों में हो रही जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: एक रेडियोलाजिस्ट के भरोसे दो अस्पतालों में हो रही जांच
विज्ञापन
जिला अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट का पद खाली होने से एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट तैयार कराने में दिक्कत हो रही है। जिला महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलाॅजिस्ट ही दोनों अस्पतालों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
जिला अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट के पद पर तैनात डाॅ. केपी गुप्ता का स्थानांतरण करीब दो साल पहले दूसरे जिले में हो गया था। उसके बाद से इस पद पर किसी डाॅक्टर की तैनाती नहीं हुई। जिला महिला अस्पताल के रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. एके पांडेय दोनों अस्पतालों में जांच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कुछ समय के लिए जिला अस्पताल तो कुछ समय जिला महिला अस्पताल में बैठक कर रिपोर्ट तैयार करते हैं। किसी जरूरी कार्य से बाहर चले जाने पर दोनों अस्पतालों में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाती।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में हर रोज 100-150 के करीब जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। डाॅक्टर के एक दिन न रहने पर बिना जांच कराए मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 1200 से 1400 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें से सौ से अधिक लोगों को डाॅक्टर एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं। एक दिन जांच नहीं हो पाती। इससे मरीजों को दूसरे दिन जांच कराने के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में रेडियोलाॅजिस्ट के पद पर तैनात डाॅ. केपी गुप्ता का स्थानांतरण करीब दो साल पहले दूसरे जिले में हो गया था। उसके बाद से इस पद पर किसी डाॅक्टर की तैनाती नहीं हुई। जिला महिला अस्पताल के रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. एके पांडेय दोनों अस्पतालों में जांच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कुछ समय के लिए जिला अस्पताल तो कुछ समय जिला महिला अस्पताल में बैठक कर रिपोर्ट तैयार करते हैं। किसी जरूरी कार्य से बाहर चले जाने पर दोनों अस्पतालों में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाती।
विज्ञापन
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में हर रोज 100-150 के करीब जांच कराने के लिए पहुंचते हैं। डाॅक्टर के एक दिन न रहने पर बिना जांच कराए मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 1200 से 1400 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें से सौ से अधिक लोगों को डाॅक्टर एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं। एक दिन जांच नहीं हो पाती। इससे मरीजों को दूसरे दिन जांच कराने के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है।
विज्ञापन