राजस्व से जुड़े मामलों के समाधान और प्रगति तेज करने के लिए मंगलवार की देर शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की गई। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरासत और अन्य मामलों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि वरासत व राजस्व से जुड़े अन्य मामलों पर संबंधित एसडीएम खुद नजर रखें और पारदर्शिता के साथ त्वरित समाधान कराएं।
बैठक में एग्री स्टैक परियोजना के तहत डिजिटल क्रॉप सर्वे के क्रियान्वयन, अभिलेखों के डायनामिक लिंकिंग के साथ किसानों का डेटाबेस, ग्राम मानचित्र का भू-संदर्भ, जीआईएस रियल टाइम क्रॉप सर्वे, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना, इंप्लीमेंटिंग कमेटी आदि की समीक्षा की गई। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जिन किसानों का तहसील स्तर पर ओपन सोर्स का डाटा भूलेख अंकन की वजह से लंबित है, तत्काल उनका डाटा अपलोड कराने का निर्देश डीएम ने किया। उन्होंने उपजिलाधिकारियों से एग्रीकल्चर सेंसस, वरासत, भूमि पैमाइश, निस्तारित प्रकरण आदि की जानकारी खुद रखने और समीक्षा करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि दैवी आपदा में होने वाली जनहानि की दशा में उप जिलाधिकारी स्वयं जाएं या अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भेजकर राहत वितरण कराएं। किसी भी महत्वपूर्ण त्यौहार या आयोजन के पश्चात एक ब्रीफ नोट तैयार करें, जिससे पिछले आयोजन में हुई कमियों का पता लगाकर उन्हें सुधारा जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयबर चौहान, सभी एसडीएम मौजूद थे।