{"_id":"57a242044f1c1b675d2ba59f","slug":"increased-levels-of-gomti","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोमती का बढ़ा जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोमती का बढ़ा जलस्तर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:42 AM IST
विज्ञापन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई बारिश की वजह से गोमती नदी का बढ़ रहा जल स्तर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोमती नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। बुधवार की शाम तक शाहीपुल के पास स्थित गोमतेश्वर महादेव मंदिर की सीढ़ी तक पानी पहुंच गया। हालांकि नदी का पानी खतरे के निशान से अभी काफी नीचे है। पिछले 24 घंटे में गोमती के जल स्तर में करीब 15 सेंटी मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
मंगलवार की शाम को गोमती का जल स्तर जहां सात फीट पर था वहीं बुधवार की शाम को 7 फीट 15 सेंटी मीटर तक पहुंच गया। माना जा रहा है कि पिछले दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हई बारिश के चलते गोमती नदी बढ़ाव पर है। नदी में पानी का बहाव भी तेज हो गया है।
नदी में पानी के बहाव को देखने के लिए शाही पुल और सद्भावना पुल पर शाम को लोगों की भीड़ जमा रही। इधर से गुजरने वाले अधिकतर लोग कुछ छड़ के लिए पुल पर रुक कर रेलिंग के सहारे नदी में पनी की तरफ झांक रहे थे।
विज्ञापन
नदी में पानी का बहाव तेज होने के साथ उसमें भारी मात्रा में जलकुंभी भी नदी में आ गई है। लोगों का मानना है कि पश्चिमी इलाके में तालाबों में मौजूद जलकुंभी बारिश के पानी के साथ नदी में आ रही है जो पूरी नदी के पानी में फैलकर बह रही है।
विज्ञापन
मंगलवार की शाम को गोमती का जल स्तर जहां सात फीट पर था वहीं बुधवार की शाम को 7 फीट 15 सेंटी मीटर तक पहुंच गया। माना जा रहा है कि पिछले दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हई बारिश के चलते गोमती नदी बढ़ाव पर है। नदी में पानी का बहाव भी तेज हो गया है।
विज्ञापन
नदी में पानी के बहाव को देखने के लिए शाही पुल और सद्भावना पुल पर शाम को लोगों की भीड़ जमा रही। इधर से गुजरने वाले अधिकतर लोग कुछ छड़ के लिए पुल पर रुक कर रेलिंग के सहारे नदी में पनी की तरफ झांक रहे थे।
विज्ञापन
नदी में पानी का बहाव तेज होने के साथ उसमें भारी मात्रा में जलकुंभी भी नदी में आ गई है। लोगों का मानना है कि पश्चिमी इलाके में तालाबों में मौजूद जलकुंभी बारिश के पानी के साथ नदी में आ रही है जो पूरी नदी के पानी में फैलकर बह रही है।