जौनपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से सोमवार को तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय तेजसा युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, सृजन और संस्कार का स्वरूप माना गया गया है। मुख्य अतिथि प्रांत सह मंत्री व प्रो. बीना त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं समाज में हमेशा से सबल रहीं है और रहेंगी। भारतीय संस्कृति में भी उन्हें सबल होने का दर्जा दिया है। मध्यकालीन परिस्थितियों और विमर्शों ने नारी को अबला एवं अक्षम के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. वंदना सरकार ने पंच परिवर्तन विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी का भाव, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता एवं पर्यावरण संरक्षण को जीवन में अपनाकर समाज में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला शिक्षित होती है, तो वह पूरे परिवार को शिक्षित एवं जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे पूर्व स्वामी विवेकानंद और महाविद्यालय के संस्थापक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान प्राचार्य प्रो. रामा आसरे सिंह, साधना सोनकर, रिमझिम सोनकर, प्रिया पाल, साक्षी यादव, दीप्ति माली, प्रांत अध्यक्ष डॉ. महेंद्र त्रिपाठी, जिला प्रमुख प्रो. हरिओम त्रिपाठी, प्रो अजय दुबे, डॉ. अवनीश सिंह आदि रहे। संचालन आस्था सिंह ने किया। संवाद