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Jaunpur News: अदालत के आदेश पर नाली खाते की भूमि से अवैध निर्माण ध्वस्त, 3 पर कार्रवाई
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मछलीशहर नाली की भूमि से अवैध कब्जा हटवाती प्रशासनिक टीम। राजस्व कर्मी
परगना मुंगरा के ग्राम रामनगर में नाली खाते की भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई अदालत से पारित बेदखली आदेश के अनुपालन में मंगलवार को की गई। तहसीलदार हुसैन अहमद ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण हटवाया।
तहसीलदार हुसैन अहमद ने बताया कि रामनगर में नाली खाते सुरक्षित की भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। पंधारी बिंद, फूलचंद्र बिंद और रामबली पाल ने इस भूमि पर पशुशाला का निर्माण कर लिया था।
मामले में तहसीलदार की अदालत में मुकदमा चल रहा था। अदालत ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया था। अतिक्रमणकर्ताओं ने इस आदेश के विरुद्ध जिलाधिकारी की अदालत में अपील की थी।
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जिलाधिकारी न्यायालय ने तहसीलदार न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तत्काल अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया था। पंधारी बिंद पुत्र गामा, फूलचंद्र बिंद पुत्र भागीरथी और रामबली पाल पुत्र लोढ़ई ने यह अवैध कब्जा किया था।
उन्होंने नाली खाते की सुरक्षित भूमि पर पशुशाला का निर्माण कर लिया था। यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी।
इस अवैध निर्माण से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी। तहसीलदार की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई थी।
अदालत ने अवैध कब्जेदारों को बेदखल करने का आदेश दिया था। अतिक्रमणकर्ताओं ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तुरंत कब्जा हटवाने का निर्देश दिया। मंगलवार को तहसीलदार हुसैन अहमद के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण को हटाकर भूमि को कब्जा मुक्त किया।
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तहसीलदार हुसैन अहमद ने बताया कि रामनगर में नाली खाते सुरक्षित की भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। पंधारी बिंद, फूलचंद्र बिंद और रामबली पाल ने इस भूमि पर पशुशाला का निर्माण कर लिया था।
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मामले में तहसीलदार की अदालत में मुकदमा चल रहा था। अदालत ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया था। अतिक्रमणकर्ताओं ने इस आदेश के विरुद्ध जिलाधिकारी की अदालत में अपील की थी।
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जिलाधिकारी न्यायालय ने तहसीलदार न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तत्काल अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया था। पंधारी बिंद पुत्र गामा, फूलचंद्र बिंद पुत्र भागीरथी और रामबली पाल पुत्र लोढ़ई ने यह अवैध कब्जा किया था।
उन्होंने नाली खाते की सुरक्षित भूमि पर पशुशाला का निर्माण कर लिया था। यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी।
इस अवैध निर्माण से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी। तहसीलदार की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई थी।
अदालत ने अवैध कब्जेदारों को बेदखल करने का आदेश दिया था। अतिक्रमणकर्ताओं ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तुरंत कब्जा हटवाने का निर्देश दिया। मंगलवार को तहसीलदार हुसैन अहमद के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण को हटाकर भूमि को कब्जा मुक्त किया।