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आइसक्रीम के लिए इस्तेमाल हो रहा ट्यूबवेल का पानी
ब्यूरो अमर उजाला जौनपुर
Updated Wed, 13 Apr 2016 12:02 AM IST
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अगर आप आइसक्रीम खाने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाएं। जौनपुर की फैक्ट्रियों में बनने वाली आइसक्रीम आप की सेहत को खराब कर सक ती है। क्योंकि यहां किसी भी बर्फ या आइसक्रीम बनानी वाली फैक्ट्री में आरओ व मिनरल वाटर प्लांट में नहीं लगा है। सीधे ट्यूबवेल के पानी से बर्फ जमाकर बाजार में बेचा जा रहा है।
गर्मियों को देखते हुए जिले में माह से बर्फ जमाने और आइसक्रीम बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए धड़ल्ले से साधारण पानी का उपयोग किया जा रहा है। जबकि पानी का उपयोग करने का मानक निर्धारित है। सबमर्सिबल व हैंडपंप का पानी लगभग 160 फीट नीचे का होना चाहिए। साथ ही खाद्य विभाग से टेस्ट कराए बिना पानी का उपयोग नहीं किया जा सकता। लेकिन इन मानकों को दर किनार करते हुए आइसक्रीम बनाई जा रही है। डा. मुकेश शुक्ला ने बताया कि बर्फ और आइसक्रीम में साधारण पानी के इस्तेमाल से टायफायड, डायरिया, कालरा और आंत से संबंधित बीमारी हो सकती है।
बता दें कि जनपद में 15 बर्फ जमाने और आइसक्रीम बनाने वाली 45 फैक्ट्रियां है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी जय नरेश ने बताया कि आइसक्रीम बनाने में पीने योग्य पानी का प्रयोग किया जा सकता है। उसके लिए आरओ व मिनरल वाटर की आवश्यक्ता नहीं है।
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गर्मियों को देखते हुए जिले में माह से बर्फ जमाने और आइसक्रीम बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए धड़ल्ले से साधारण पानी का उपयोग किया जा रहा है। जबकि पानी का उपयोग करने का मानक निर्धारित है। सबमर्सिबल व हैंडपंप का पानी लगभग 160 फीट नीचे का होना चाहिए। साथ ही खाद्य विभाग से टेस्ट कराए बिना पानी का उपयोग नहीं किया जा सकता। लेकिन इन मानकों को दर किनार करते हुए आइसक्रीम बनाई जा रही है। डा. मुकेश शुक्ला ने बताया कि बर्फ और आइसक्रीम में साधारण पानी के इस्तेमाल से टायफायड, डायरिया, कालरा और आंत से संबंधित बीमारी हो सकती है।
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बता दें कि जनपद में 15 बर्फ जमाने और आइसक्रीम बनाने वाली 45 फैक्ट्रियां है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी जय नरेश ने बताया कि आइसक्रीम बनाने में पीने योग्य पानी का प्रयोग किया जा सकता है। उसके लिए आरओ व मिनरल वाटर की आवश्यक्ता नहीं है।
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