सौ वर्ष पुराना डाक बंगला हुआ जर्जर
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सौ वर्ष पूर्व जब अंग्रेजी हुक्मरानों ने तहसील की बिल्ंिडग बनवाई थी तब अधिकारियों और रसूखदारो के लिए आलीशान डाक बंगला भी बनवाया था। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जब फूलपुर, मछलीशहर संसदीय क्षेत्र से अपना पहला चुनाव लड़ा था तब उनके प्रचार में मछलीशहर आई उनकी बेटी इंदिरा ने एक रात इसी में
गुजारी थी। पुुराने कांग्रेसी बताते हैं कि तब आनन फानन में इसमें छत पर हाथ से चलाये जाने वाला पंखा लगवाया गया था। सई नदी में आयी भीषण बाढ़ का जायजा लेने जब उस समय की जिलाधिकारी नीरा यादव आयीं थी तब वो भी इसी में रुकी थीं।
तहसील के बुजुर्ग अधिवक्ता बताते हैं कि 1977 तक इसका छिटपुट इस्तेमाल होता रहा बाद में खराब स्थित के कारण इसका प्रयोग बंद हो गया। दो मंजिला इस इमारत को अगर प्रशासन इस बरसात से पहले स्वयं नही गिरवा देता है तो यह खंडहर हो चुकी इमारत स्वयं गिर जाएगा और हादसा भी हो सकता है।