{"_id":"5ebeba688ebc3e90955a7572","slug":"how-will-the-staff-not-be-treated-in-the-district-hospital-jaunpur-news-vns5250701179","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में स्टाफ नहीं कैसे होगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में स्टाफ नहीं कैसे होगा इलाज
विज्ञापन
जौनपुर। कोरोना संक्रमण के चलते प्रवासियों के आने की तादात बढ़ रही है। जिले में ट्रेन के अलावा अन्य साधनों से प्रवासी श्रमिक जिले में पहुंच रहे हैं। श्रमिकों के आने से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। संविदा स्टाफ नर्सों की सेवा समाप्त होने के कारण सबसे अधिक जिम्मेदारी जिला अस्पताल की बढ़ गई है। हर दिन जांच कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।145 बेड वाले जिला अस्पताल में 19 नर्स के भरोसे मरीजों का इलाज चल रहा है। जिसमें दो नर्स अगले माह अवकाश ग्रहण कर रही हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को कैसे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर मिल पाएंगी उसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए 145 बेड के अलावा प्रतिदिन एक हजार से अधिक की ओपीडी होती है। ऐसे में अब 19 स्टाफ नर्स के ऊपर ही मरीजों की सारी जिम्मेदारी रहेगी।
संविदा कर्मचारियों को कर दिया बाहर
जौनपुर। जिला अस्पताल में यूपीएचएसएसपी के तहत नियुक्त कर्मचारियों की संविदा विस्तार के लिए एजेंसी का चयन कर संविदा कर्मियों का समायोजन करना था। 15 अप्रैल तक एजेंसी का चयन करना था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से एजेेंसी का चयन नहीं किया और न ही संविदा पर तैनात 35 कर्मियों का समायोजन किया गया। अप्रैल में में कुछ दिन काम लेने के बाद उन्हें मानदेय के बिना बाहर कर दिया गया।
15 दिन क्वारंटीन वार्ड में कर चुके हैं ड्यूटी
जौनपुर। संविदा पर तैनात कर्मियों का आरोप है कि कोरोना वार्ड में उनसे 15 दिन ड्यूटी कराने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने के बाद उन्हें क्वारंटीन में रखना था। लेकिन सभी को बाहर कर दिया गया। ऐसे में वह घर भी नहीं जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संविदा कर्मचारियों को कर दिया बाहर
जौनपुर। जिला अस्पताल में यूपीएचएसएसपी के तहत नियुक्त कर्मचारियों की संविदा विस्तार के लिए एजेंसी का चयन कर संविदा कर्मियों का समायोजन करना था। 15 अप्रैल तक एजेंसी का चयन करना था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से एजेेंसी का चयन नहीं किया और न ही संविदा पर तैनात 35 कर्मियों का समायोजन किया गया। अप्रैल में में कुछ दिन काम लेने के बाद उन्हें मानदेय के बिना बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन
15 दिन क्वारंटीन वार्ड में कर चुके हैं ड्यूटी
जौनपुर। संविदा पर तैनात कर्मियों का आरोप है कि कोरोना वार्ड में उनसे 15 दिन ड्यूटी कराने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने के बाद उन्हें क्वारंटीन में रखना था। लेकिन सभी को बाहर कर दिया गया। ऐसे में वह घर भी नहीं जा सकते हैं।
विज्ञापन