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स्वास्थ्य विभाग कोविड की तीसरी लहर से निपटने को तैयार
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कोविड की तीसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए संसाधन उपलब्ध हो गए हैं। तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए बाल रोग विशेषज्ञों के साथ बैठक कर तैयारी की जा रही है। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन की व्यवस्था, चिकित्सक और अन्य स्टाफ की तैनाती के अलावा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
तीसरी लहर का सामना करने के लिए पांच अस्पतालों में पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू), सिक न्यू बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) और न्यू नेटल इंटेसिव केयर यूनिट (नीको) तैयार कर लिए गए हैं। निजी अस्पतालों में 14 नीको और दो पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं। नीको में कुल 50 बेड और पीकू में 112 बेड की सुविधा है। जिला अस्पताल में पीकू के 40 बेड बनकर तैयार हैं। सतहरिया, बदलापुर, शाहगंज और केराकत स्थित सीएसची में 12-12 बेड सहित सरकारी अस्पतालों में कुल 88 बेड तैयार रखे गए हैं, जबकि निजी अस्पतालों में 24 बेड तैयार किए गए हैं। इस तरह से पीकू में इलाज के लिए जिले में 112 बेड की व्यवस्था है, जबकि नीको में इलाज के लिए जिले में 50 बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें से 40 बेड निजी और 10 बेड सरकारी अस्पताल में हैं। जिला महिला चिकित्सालय में एसएनसीयू के लिए 10 बेड की व्यवस्था की गई है।
सीएमओ डा. राकेश कुमार ने जिले में 15 जून 2020 को बतौर सीएमओ कार्यभार संभाला था। तब जनपद कोविड-19 की पहली लहर के प्रभाव में था। उनके कार्यकाल में ही दूसरी लहर आई और अब तीसरी लहर आने की आशंका है। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञों के चिकित्सालय चिह्नित कर लिए गए हैं। वहां व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकारी अस्पतालों को बच्चों के इलाज के लिए तैयार किया गया है। इसके लिए सरकारी तथा निजी चिकित्सालयों में पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार किए जा रहे हैं।
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जिले में 13 ऑक्सीजन प्लांटों में नौ में उत्पादन शुरू
जौनपुर। कोविड संक्रमण से मरीजों को बचाने के लिए जिले में 13 ऑक्सीजन प्लांट प्रस्तावित थे। जिसमें से नौ प्लांटों में ऑक्सीजन उत्पादन शुरू हो गया है। सतहरिया, जिला महिला अस्पताल, नौपेड़वा और बरसठी पीएचसी सहित चार प्लांट अभी चालू नहीं हुए हैं। किसी की नींव भरकर छोड़ दिया गया है तो कहीं दीवार खड़ी हो चुकी है। अगले माह तक इन्हें भी चालू कराने की तैयारी है।
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तीसरी लहर का सामना करने के लिए पांच अस्पतालों में पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू), सिक न्यू बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) और न्यू नेटल इंटेसिव केयर यूनिट (नीको) तैयार कर लिए गए हैं। निजी अस्पतालों में 14 नीको और दो पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं। नीको में कुल 50 बेड और पीकू में 112 बेड की सुविधा है। जिला अस्पताल में पीकू के 40 बेड बनकर तैयार हैं। सतहरिया, बदलापुर, शाहगंज और केराकत स्थित सीएसची में 12-12 बेड सहित सरकारी अस्पतालों में कुल 88 बेड तैयार रखे गए हैं, जबकि निजी अस्पतालों में 24 बेड तैयार किए गए हैं। इस तरह से पीकू में इलाज के लिए जिले में 112 बेड की व्यवस्था है, जबकि नीको में इलाज के लिए जिले में 50 बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें से 40 बेड निजी और 10 बेड सरकारी अस्पताल में हैं। जिला महिला चिकित्सालय में एसएनसीयू के लिए 10 बेड की व्यवस्था की गई है।
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सीएमओ डा. राकेश कुमार ने जिले में 15 जून 2020 को बतौर सीएमओ कार्यभार संभाला था। तब जनपद कोविड-19 की पहली लहर के प्रभाव में था। उनके कार्यकाल में ही दूसरी लहर आई और अब तीसरी लहर आने की आशंका है। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञों के चिकित्सालय चिह्नित कर लिए गए हैं। वहां व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकारी अस्पतालों को बच्चों के इलाज के लिए तैयार किया गया है। इसके लिए सरकारी तथा निजी चिकित्सालयों में पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार किए जा रहे हैं।
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जिले में 13 ऑक्सीजन प्लांटों में नौ में उत्पादन शुरू
जौनपुर। कोविड संक्रमण से मरीजों को बचाने के लिए जिले में 13 ऑक्सीजन प्लांट प्रस्तावित थे। जिसमें से नौ प्लांटों में ऑक्सीजन उत्पादन शुरू हो गया है। सतहरिया, जिला महिला अस्पताल, नौपेड़वा और बरसठी पीएचसी सहित चार प्लांट अभी चालू नहीं हुए हैं। किसी की नींव भरकर छोड़ दिया गया है तो कहीं दीवार खड़ी हो चुकी है। अगले माह तक इन्हें भी चालू कराने की तैयारी है।