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Jaunpur News: हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन गांव-गांव करेगी मरीजों की पहचान
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जौनपुर। टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्सरे मशीन से लैस टीम को गांव-गांव जांच के लिए रवाना किया। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी परिसर से शनिवार को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन टीबी मुक्त अभियान में वरदान साबित होगी। इससे संभावित मरीजों की समय पर पहचान हो सकेगी और उन्हें सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत तत्काल उपचार से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गांव-गांव पहुंचने वाली यह सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाएगी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश यादव ने बताया कि लंबे समय से खांसी, बुखार, सीने में दर्द, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत अथवा टीबी के अन्य लक्षण वाले लोगों का मौके पर ही एक्सरे किया जाएगा। साथ ही टीबी मरीजों के परिवार के सदस्यों एवं उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी विशेष जांच होगी।
क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 150 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों के बलगम सहित अन्य आवश्यक परीक्षण कर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने, नए मरीजों की समय रहते पहचान करने और टीबी उन्मूलन अभियान को गति मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर सहायक शोध अधिकारी विप्लव यादव, हरिश्याम वर्मा, विजय कश्यप, बीपीएम सुजीत मौर्य, शाहनवाज अहमद, अशोक कुमार कुशवाहा, अंकिता कुकरेजा, राहुल यादव, टेक्नीशियन वेद प्रकाश, शैलेश मौर्य, अखिलेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन टीबी मुक्त अभियान में वरदान साबित होगी। इससे संभावित मरीजों की समय पर पहचान हो सकेगी और उन्हें सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत तत्काल उपचार से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गांव-गांव पहुंचने वाली यह सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाएगी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश यादव ने बताया कि लंबे समय से खांसी, बुखार, सीने में दर्द, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत अथवा टीबी के अन्य लक्षण वाले लोगों का मौके पर ही एक्सरे किया जाएगा। साथ ही टीबी मरीजों के परिवार के सदस्यों एवं उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी विशेष जांच होगी।
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क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 150 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों के बलगम सहित अन्य आवश्यक परीक्षण कर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने, नए मरीजों की समय रहते पहचान करने और टीबी उन्मूलन अभियान को गति मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर सहायक शोध अधिकारी विप्लव यादव, हरिश्याम वर्मा, विजय कश्यप, बीपीएम सुजीत मौर्य, शाहनवाज अहमद, अशोक कुमार कुशवाहा, अंकिता कुकरेजा, राहुल यादव, टेक्नीशियन वेद प्रकाश, शैलेश मौर्य, अखिलेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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