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आधे घंटे का सफर एक घंटे में
jaunpur
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:48 AM IST
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नेशनल हाईवे की क्षतिग्रस्त सड़क।
- फोटो : jounpur
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सड़कों को 15 जून तक गड्ढा मुक्त किए जाने के लिए मुख्यमंत्री के फरमान से जिले के लोगों को भी बड़ी उम्मीदें बंधी हैं। शहर से लेकर गांव तक की तमाम सड़कें गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं। सड़कों की दुर्दशा के चलते आधे घंटे का सफर घंटे भर में भी पूरा नहीं होता। नेशनल हाईवे से लेकर सम्पर्क मार्ग तक की हालत खस्ता है। जौनपुर-खुटहन मार्ग, खेतासराय खुटहन मार्ग समेत कई ऐसी सड़कें हैं दिनकी दशा कई वर्षों से खराब है लेकिन मरम्मत नहीं हुई। जिन सड़कों की मरम्मत हुई भी है तो घटिया निर्माण के चलते समय से पहले ही सड़कें उधड़ने भी लगी हैं।
जौनपुर-खुटहन मार्ग से यात्रा करने वाले दैनिक यात्री रास्ता बदलकर आने जाने लगे हैं। खुटहन से जौनपुर आने के लिए 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर लोग बदलापुर के रास्ते आते हैं। खुटहन से खेतासराय जाने के लिए शाहगंज से रानीमऊ के रास्ते लोग सफर करते हैं। खटहन से जौनपुर तक की सड़क की दशा करीब सात साल से खराब है। सड़क पर इतने बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल होता है। वाराणसी सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की भी दशा बदतर हो गई है। सड़क को फोर लेन बनाने का काम चल रहा है लेकिन आवागमन अभी पुरानी सड़क से ही हो रहा है।
जिले की वाराणसी सीमा से लेकर सुल्तानपुर जिले की सीमा तक सड़क की दशा बेहद खराब हो गई है। बीच बीच में मरम्मत का काम जरूर हुआ है लेकिन तमाम गड्ढों को वैसे ही छोड़ दिया गया है।
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सतहरिया से लेकर इलाहाबाद कीसड़क बिल्कुल जर्जर है। गोधना-निगोह मार्ग की अभी पिछले साल मरम्मत की गई थी लेकिन सड़क फिर से उधड़ गई। बंधवाबाजार भटहर मार्ग पर भी गड्ढा ही गड्ढा बन गया है। गौराबादशाहपुर-पौनी मार्ग की दशा बेहद खराब है। थानागद्दी इलाके के बरामनपुर सिंधोरा मार्ग पर दो साल से गड्ढे बने हैं। मछलीशहर से सुजानगॅज मार्ग की 25 साल से कभी मरम्मत नहीं हुई। जबकि इसके लिए लोग विभाग में गुहार लगा कर थक गए।
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जौनपुर-खुटहन मार्ग से यात्रा करने वाले दैनिक यात्री रास्ता बदलकर आने जाने लगे हैं। खुटहन से जौनपुर आने के लिए 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर लोग बदलापुर के रास्ते आते हैं। खुटहन से खेतासराय जाने के लिए शाहगंज से रानीमऊ के रास्ते लोग सफर करते हैं। खटहन से जौनपुर तक की सड़क की दशा करीब सात साल से खराब है। सड़क पर इतने बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल होता है। वाराणसी सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की भी दशा बदतर हो गई है। सड़क को फोर लेन बनाने का काम चल रहा है लेकिन आवागमन अभी पुरानी सड़क से ही हो रहा है।
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जिले की वाराणसी सीमा से लेकर सुल्तानपुर जिले की सीमा तक सड़क की दशा बेहद खराब हो गई है। बीच बीच में मरम्मत का काम जरूर हुआ है लेकिन तमाम गड्ढों को वैसे ही छोड़ दिया गया है।
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सतहरिया से लेकर इलाहाबाद कीसड़क बिल्कुल जर्जर है। गोधना-निगोह मार्ग की अभी पिछले साल मरम्मत की गई थी लेकिन सड़क फिर से उधड़ गई। बंधवाबाजार भटहर मार्ग पर भी गड्ढा ही गड्ढा बन गया है। गौराबादशाहपुर-पौनी मार्ग की दशा बेहद खराब है। थानागद्दी इलाके के बरामनपुर सिंधोरा मार्ग पर दो साल से गड्ढे बने हैं। मछलीशहर से सुजानगॅज मार्ग की 25 साल से कभी मरम्मत नहीं हुई। जबकि इसके लिए लोग विभाग में गुहार लगा कर थक गए।