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Jaunpur News: 37.88 लाख की लागत से बना हाट बाजार चार साल से बेकार
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पंकज पांडेय
जलालपुर। नेवादा गांव में चार साल पहले बना ग्रामीण हाट बाजार बेकार पड़ा है। उद्घाटन से पहले ही यहां शराबियों और जुआरियों के अड्डे बन गए हैं। शौचालय के रास्ते बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। इसको चार साल पहले 37.88 लाख की लागत से तैयार किया गया।
नेवादा गांव में 1113.31 वर्ग मीटर में बना ग्रामीण हाट बाजार अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, इसकी हालत देखकर क्षेत्र के किसान अब मायूस नजर आ रहे हैं। किसानों को उपज का अच्छा दाम मिले और उन्हें उपज बेचने के लिए अधिक किराया लगाकर कोसों दूर न जाना पड़े इसी उद्देश्य से मंडी समिति ने हाट बाजार का निर्माण कराया। शासन की ओर से सितंबर 2019 में इसके निर्माण के लिए 48.64 लाख रुपये स्वीकृत हुए। जनवरी 2020 में ही यह एस्टीमेट से कम 37.88 लाख रुपये में ही बन कर तैयार हो गया। इसे मंडी समिति के द्वारा ग्राम पंचायत को हैंडओवर भी कर दिया गया। इस बाजार को शुरू करवाने के लिए प्रधान को नामित किया गया। उनको स्वरोजगार करने वालों को रोजगार कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन यह आज तक चालू नहीं हो सका। अभी भी अपने उत्पाद को बेचने के लिए नेवादा इस्मेला, उदपुर, हरिपुर, मझगवा, चौरी, पराउगंज समेत अन्य दर्जनों गांव के किसानों को अपनी थोड़ी सी उपज बेचने के लिए किराया खर्च करके कोसों दूर जाना पड़ता है, इससे मुनाफे से अधिक रकम किराए में ही खर्च हो जाती है। चार साल से यहां असामाजिक तत्वों का जुटान हो रहा है। परिसर के अंदर लगे आठ सोलर पैनल में से कुछ की लाइट, बैटरी व हैलोजन बल्ब गायब हो चुके हैं। अंदर बने महिला पुरुष शौचालय के आस-पास बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। सोलर पैनल शौचालय के ऊपर लगी टंकी आदि को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
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वर्जन ...
मानक के अनुरूप ग्रामीण हाट बाजार का निर्माण कराकर उसे नेवादा ग्राम पंचायत अधिकारी को सौंप दिया गया है। अब उसकी सारी जिम्मेदारी बीडीओ और ग्रामसभा की है।
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-ध्रुव चौधरी, सचिव, मंडी समिति।
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वर्जन ...
इस हाट बाजार के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर यह ग्राम सभा को हस्तांतरित की गई है, तो हम ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से बात करके इस संबंध में जानकारी लेंगे।
जगदीश प्रसाद, खंड विकास अधिकारी।
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जलालपुर। नेवादा गांव में चार साल पहले बना ग्रामीण हाट बाजार बेकार पड़ा है। उद्घाटन से पहले ही यहां शराबियों और जुआरियों के अड्डे बन गए हैं। शौचालय के रास्ते बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। इसको चार साल पहले 37.88 लाख की लागत से तैयार किया गया।
नेवादा गांव में 1113.31 वर्ग मीटर में बना ग्रामीण हाट बाजार अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, इसकी हालत देखकर क्षेत्र के किसान अब मायूस नजर आ रहे हैं। किसानों को उपज का अच्छा दाम मिले और उन्हें उपज बेचने के लिए अधिक किराया लगाकर कोसों दूर न जाना पड़े इसी उद्देश्य से मंडी समिति ने हाट बाजार का निर्माण कराया। शासन की ओर से सितंबर 2019 में इसके निर्माण के लिए 48.64 लाख रुपये स्वीकृत हुए। जनवरी 2020 में ही यह एस्टीमेट से कम 37.88 लाख रुपये में ही बन कर तैयार हो गया। इसे मंडी समिति के द्वारा ग्राम पंचायत को हैंडओवर भी कर दिया गया। इस बाजार को शुरू करवाने के लिए प्रधान को नामित किया गया। उनको स्वरोजगार करने वालों को रोजगार कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन यह आज तक चालू नहीं हो सका। अभी भी अपने उत्पाद को बेचने के लिए नेवादा इस्मेला, उदपुर, हरिपुर, मझगवा, चौरी, पराउगंज समेत अन्य दर्जनों गांव के किसानों को अपनी थोड़ी सी उपज बेचने के लिए किराया खर्च करके कोसों दूर जाना पड़ता है, इससे मुनाफे से अधिक रकम किराए में ही खर्च हो जाती है। चार साल से यहां असामाजिक तत्वों का जुटान हो रहा है। परिसर के अंदर लगे आठ सोलर पैनल में से कुछ की लाइट, बैटरी व हैलोजन बल्ब गायब हो चुके हैं। अंदर बने महिला पुरुष शौचालय के आस-पास बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। सोलर पैनल शौचालय के ऊपर लगी टंकी आदि को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
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मानक के अनुरूप ग्रामीण हाट बाजार का निर्माण कराकर उसे नेवादा ग्राम पंचायत अधिकारी को सौंप दिया गया है। अब उसकी सारी जिम्मेदारी बीडीओ और ग्रामसभा की है।
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-ध्रुव चौधरी, सचिव, मंडी समिति।
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वर्जन ...
इस हाट बाजार के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर यह ग्राम सभा को हस्तांतरित की गई है, तो हम ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से बात करके इस संबंध में जानकारी लेंगे।
जगदीश प्रसाद, खंड विकास अधिकारी।