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गोमती हुई स्थिर, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

Fri, 26 Aug 2016 01:49 AM IST
jaunpur
jaunpur Updated Fri, 26 Aug 2016 01:49 AM IST
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Gomti was stable, the villagers took a sigh of relief
बाढ का निरीक्षण करते सीडीओ शीतला प्रसाद - फोटो : jaunpur
चंदवक इलाके में पिछले 48 घंटे से गोमती नदी का जलस्तर स्थिर है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उन्हें उम्मीद जगी है कि अब उनकी मुसीबतें दूर हो जाएंगी। हालांकि अभी भी कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। उधर, गुरुवार को मुख्या विकास अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वस्तु स्थिति की जानकारी हासिल की। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों ने सीडीओ से राहत शिविरों में यह कह कर जाने से इंकार कर दिया कि अभी पानी स्थिर है। यदि बढ़ेगा तो वह जाने की सोचेंगे।
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 मुख्य विकास अधिकारी शीतला प्रसाद ने गुरुवार को चंदवक, बरइछ,. चवरवर और बरमलपुर गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील के अधिकारियों के साथ नाव में सवार होकर बाढ़ प्रभावित गांवों में भ्रमण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बात कर उन्हें भरोसा दिया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
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ग्रामीणों ने सीडीओ को बताया कि पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से उनकी फसलें पानी में डूबी हैं जो अब बर्बाद हो चुकी हैं। बाढ़ का पानी अब घट भी जाएगा तो भी फसलें बचने वाली नहीं हीं। सीडीओ ने ग्रामीणों से कहा कि वे पानी से घिरे हैं। यहां परेशानी हो रही है इसलिए वे बाढ़ राहत शिविर में चलकर रहें। लेकिन ग्रामीण तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि अभी जलस्तर और बढ़ेगा तभी वे राहत शिविर में जाने की सोच सकते हैं।
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सीडीओ ने तहसील के अधिकारियों को प्रभावित गांव पर 24 घंटे नजर रखने का निर्देश दिया। उनके साथ एसडीएम सहदेव मिश्र, तहसीलदार पीके राय, खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद थे। बाढ़ को देखते हुए चंदवक में दो और चवरवर, बलुआ गांव में भी दो नावें चलाई जा रही है।

आवश्यक कार्य के लिए गांव के लोग इसी नाव के सहारे बाहर निकल रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को गुरुवार को दो-दो लीटर मिट्टी का तेल दिया गया। उधर, बाढ़ से घिरे ग्रामीणों में पानी के स्थिर हो जाने से राहत की सांस ली। उन्हें अब बाढ़ के उतर जाने की उम्मीद बंधी है। इसी आशा में वह राहत शिविरों का रुख नहीं कर रहे कि पानी तो कम होगा ही।
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