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Jaunpur News: सीएमओ और तीन निजी अस्पतालों के डॉक्टरों पर वाद दाखिल

Fri, 09 Oct 2026 01:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:43 AM IST
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Case filed against the CMO and doctors of three private hospitals
जौनपुर। प्रसव के दौरान लापरवाही के कारण नवजात की मौत के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी, तीन निजी अस्पतालों के तीन डॉक्टरों पर माता-पिता ने लोक अदातल में वाद दर्ज कराया है। मामले में लोक अदालत ने 27 अक्टूबर की तिथि नियत करते हुए सभी को नोटिस जारी किया है। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मुरादगंज न्यू कॉलोनी निवासी निवेदिता सिंह और उनके पति निलेश सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित निजी अस्पतालों के दो डॉक्टरों और वाराणसी के निजी अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ अधिवक्ता प्रशांत गुप्ता के माध्यम से लोक अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। आरोप लगाया है कि 24 अगस्त को निवेदिता अपने पति और मां के साथ रूटीन जांच के लिए पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल गई। वहां अल्ट्रासाउंड में बच्चा बिल्कुल स्वस्थ था। 26 अगस्त को रात 9 बजे प्रसव पीड़ा होने पर निवेदिता अपनी माता व पति नीलेश के साथ करीब 1:30 बजे रात में अस्पताल पहुंचीं। उस समय अस्पताल की डॉक्टर सो रहीं थीं। नर्स और वार्ड बॉय निवेदिता को प्रसव कक्ष में ले गए। नियमों की अनदेखी करते हुए प्रसव कराने लगे इस पर निलेश ने उन्हें ऐसा करने से मना किया, लेकिन वार्ड बॉय व नर्स जबरन अमानवीय तरीके से निवेदिता के पेट पर अत्यधिक दबाव देते हुए प्रसव कर रहे थे। जिससे उसे अत्यंत पीड़ा हुई और वह अचेत हो गई। निलेश ने सीजर के लिए कहा, लेकिन नर्स व वार्ड बॉय प्रसव कागजातों पर हस्ताक्षर कराए। सुबह डॉक्टर आईं और दूसरे अस्पताल के डॉक्टर भी आए और एक अन्य निजी अस्पताल में बच्चे को ले जाया गया। वहां बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया। हालत गंभीर होने पर बच्चे को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में ले जाने के लिए कहे। एंबुलेंस से बच्चे को वाराणसी ले जाया गया। यहां पहुंचने पर पता चला कि प्रसव के दौरान बच्चे को काफी चोटें आई है। बीते 28 अगस्त को बच्चे की वाराणसी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तीनों अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही, मानक के अनुरूप स्टाफ न रखने और जानबूझकर अपराधिक कृत्य करने से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया है।
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