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गोमतेश्वर मंदिर में घुसा गोमती का पानी
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 13 Aug 2016 12:45 AM IST
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गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से शाही पुल के नीचे स्थित गोमतेश्वर महादेव मंदिर में घुसा पानी।
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बारिश के साथ ही गोमती के जल स्तर में भी लगातार इजाफा हो रहा है। नदी का पानी शुक्रवार को शाही पुल के नीचे स्थित गोमतेश्वर महादेव मंदिर में घुस गया। पिछले 24 घंटे में गोमती के जलस्तर में प्रति घंटे करीब सवा सेंटी मीटर के हिसाब से वृद्धि दर्ज की गई है।
गुरुवार की शाम पांच बजे तक जहां गोमती का जल स्तर 7.8 फीट था वहीं शुक्रवार को उसी समय तक नदी का जल स्तर 8.9 सेंटी मीटर दर्ज किया गया। हालांकि नदी का पानी अभी खतरे के निशान से काफ ी नीचे बह रहा है।
नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे जरूर है पर बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी करने का दावा किया है। जो इलाके बाढ़ की चपेट में आते हैं उनकी सुरक्षा के लिए बाढ़ चौकियों की स्थापना कर दी गई है।
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गोमती का जल स्तर बढ़ने पर सबसे पहले केराकत तहसील के गोमती के किनारे के गांव प्रभावित होते हैं। बदलापुर तहसील क्षेत्र के शाहपुर सानी, गोपालापुर और आस पास के गांवों में भी सबसे पहले गोमती का पानी बाढ़ आने की दशा में पहुंचता है।
गोमती नदी का जल स्तर बढ़ने से पानी का बहाव भी तेज हो गया है। शाही पुल और सद्भावना पुल से गुजरने वाले लोग रुक कर नदी के पानी का नजारा जरूर देख रहे हैं। पुल की रेलिंग के सहारे लटक कर घंटों नदी में पानी की तेज धारा को देख रहे हैं। जिन घाटों पर तार के सहारे नाव चलती थी वहां अब नदी में पानी का बहाव तेज होने के चलते पतवार के सहारे नाव चलाई जा रही है।
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गुरुवार की शाम पांच बजे तक जहां गोमती का जल स्तर 7.8 फीट था वहीं शुक्रवार को उसी समय तक नदी का जल स्तर 8.9 सेंटी मीटर दर्ज किया गया। हालांकि नदी का पानी अभी खतरे के निशान से काफ ी नीचे बह रहा है।
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नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे जरूर है पर बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी करने का दावा किया है। जो इलाके बाढ़ की चपेट में आते हैं उनकी सुरक्षा के लिए बाढ़ चौकियों की स्थापना कर दी गई है।
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गोमती का जल स्तर बढ़ने पर सबसे पहले केराकत तहसील के गोमती के किनारे के गांव प्रभावित होते हैं। बदलापुर तहसील क्षेत्र के शाहपुर सानी, गोपालापुर और आस पास के गांवों में भी सबसे पहले गोमती का पानी बाढ़ आने की दशा में पहुंचता है।
गोमती नदी का जल स्तर बढ़ने से पानी का बहाव भी तेज हो गया है। शाही पुल और सद्भावना पुल से गुजरने वाले लोग रुक कर नदी के पानी का नजारा जरूर देख रहे हैं। पुल की रेलिंग के सहारे लटक कर घंटों नदी में पानी की तेज धारा को देख रहे हैं। जिन घाटों पर तार के सहारे नाव चलती थी वहां अब नदी में पानी का बहाव तेज होने के चलते पतवार के सहारे नाव चलाई जा रही है।