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Jaunpur News: 2.75 करोड़ से संवरा घाट बन गया वाहन पार्किंग, 8 शौचालयों पर ताले
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गोमती घाट के शौचालय में लगा ताला। संवाद
जौनपुर। शहर की पहचान मानी जाने वाली गोमती नदी के किनारे सद्भावना पुल और शाही पुल के बीच दोनों तटों पर विकसित सुंदर घाटों में से एक घाट बदहाल व्यवस्था का शिकार हो गया है। 2 करोड़ 75 लाख 11 हजार रुपये से विकसित इस घाट पर मूलभूत सुविधाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं।
शुक्रवार को की गई पड़ताल में हकीकत सामने आई। आठ शौचालय बनकर तैयार हैं, लेकिन सभी पर ताले लटके हैं। एक पुरुष और चार महिला शौचालयों का निर्माण अभी अंतिम चरण में है। विश्राम स्थल पर गंदगी और कूड़ा-कचरा फैला है, जबकि घाट परिसर चार पहिया वाहनों की पार्किंग का अड्डा बन गया है।
हनुमान घाट की ओर बढ़ने पर दुर्गंध के कारण लोगों का ठहरना भी मुश्किल हो रहा था। घाट परिसर में चार पहिया वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
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वहीं, एक हाईमास्ट पर पक्षियों का घोंसला मिला, जो नियमित रखरखाव के अभाव की ओर संकेत करता है। इसके विपरीत सामने स्थित घाट पर बेहतर साफ-सफाई और रखरखाव के कारण लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।
घाट पर मौजूद लोगों का कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त घाट तो बना दिया गया, लेकिन उसके रखरखाव की जिम्मेदारी निभाई नहीं जा रही है।
उनका कहना है कि यदि बंद शौचालयों को चालू कराया जाए, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, दुर्गंध की समस्या दूर हो और पार्किंग व्यवस्था व्यवस्थित की जाए, तो यह घाट जौनपुर के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों में शामिल हो सकता है।
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शुक्रवार को की गई पड़ताल में हकीकत सामने आई। आठ शौचालय बनकर तैयार हैं, लेकिन सभी पर ताले लटके हैं। एक पुरुष और चार महिला शौचालयों का निर्माण अभी अंतिम चरण में है। विश्राम स्थल पर गंदगी और कूड़ा-कचरा फैला है, जबकि घाट परिसर चार पहिया वाहनों की पार्किंग का अड्डा बन गया है।
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हनुमान घाट की ओर बढ़ने पर दुर्गंध के कारण लोगों का ठहरना भी मुश्किल हो रहा था। घाट परिसर में चार पहिया वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
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वहीं, एक हाईमास्ट पर पक्षियों का घोंसला मिला, जो नियमित रखरखाव के अभाव की ओर संकेत करता है। इसके विपरीत सामने स्थित घाट पर बेहतर साफ-सफाई और रखरखाव के कारण लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।
घाट पर मौजूद लोगों का कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त घाट तो बना दिया गया, लेकिन उसके रखरखाव की जिम्मेदारी निभाई नहीं जा रही है।
उनका कहना है कि यदि बंद शौचालयों को चालू कराया जाए, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, दुर्गंध की समस्या दूर हो और पार्किंग व्यवस्था व्यवस्थित की जाए, तो यह घाट जौनपुर के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों में शामिल हो सकता है।