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Jaunpur News: मेहनत का मिल रहा बढि़या दाम, रोजाना एक हजार लीटर दूध का हो रहा काम
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जौनपुर। भारत में एक तरफ जहां श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार पशुपालन को बढावा दे रही है। वहीं उत्पादकों को दुग्ध का बेहतर दाम दिलाने के लिए करैला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सिरकोनी बेहतर काम कर रही है। यह नाबार्ड से पंजीकृत एफपीओ है। इसके जरिए रोजाना एक हजार लीटर दूध का कलेक्शन कर उसका व्यापार किया जाता है। इसके जरिए करीब 100 पशुपालकों के चेहरे पर खुशी पहुंच रही है।
कंपनी के सीईओ सत्यम दुबे बताते है कि इसमें आठ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हैं। साथ ही 500 शेयर धारक हैं। इनको दो हजार रुपये आजीवन सदस्यता के लिए शुल्क देना पड़ता है। इस एफपीओ के माध्यम से पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिल जाता है। जिस दूध को दुधियां गांवों में पशुपालकों से 30 से 35 रुपये में लेकर जाते है, उसको कंपनी के जरिए फैट चेक करके 45 से 50 रुपये का भुगतान किया जाता है। फिर इसका सिरकोनी के सुरहुरपुर में प्रोसेसिंग सेंटर पर पहुंचाया जाता है। यहां पर 500 लीटर की चीलर मशीन, ब्वायलर, पनीर प्रेस हुब्स रखा गया है। यहीं पर डेयरी के रूप में रोजाना दूध, दही, मक्खन, घी, छेना, खोआ को तैयार करके बाजार भाव पर बेचते है। इसको मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंटों, शादी के लगन में भेजते हैं। इसके लिए दो कलेक्शन सेंटर सुरहुरपुर व इजरी मनहन में बनाया गया है। जलालपुर में इसके लिए आउटलेट दुकान भी खोली गई है, जिससे फुटकर व थोक बिक्री भी हो सके। वर्तमान में एफपीओ का टर्नओवर 8.22 लाख रुपये है। इस बार इसको एक करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
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फॉर्म मशीनरी बैंक:-एफपीओ के माध्यम से फार्म मशीनरी बैंक बनाया गया है। इसमें एफपीओ शेयर धारक किसानों के खेती की जोताई, बोआई, दवा छिड़काव, खाद, बीज डालने का काम बाजार भाव से 10 फीसदी कम दर पर किया जाता है।
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क्या हैं एफपीओ:-एफपीओ का मतलब किसान उत्पादक संगठन है। यह किसान उत्पादकों का एक संगठन है जो छोटे किसानों को इनपुट, तकनीकी सेवाओं का लाभ देते है। साथ ही उनको उनके उत्पाद का बाजार भाव व उचित मूल्य दिलाते है।
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कंपनी के सीईओ सत्यम दुबे बताते है कि इसमें आठ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हैं। साथ ही 500 शेयर धारक हैं। इनको दो हजार रुपये आजीवन सदस्यता के लिए शुल्क देना पड़ता है। इस एफपीओ के माध्यम से पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिल जाता है। जिस दूध को दुधियां गांवों में पशुपालकों से 30 से 35 रुपये में लेकर जाते है, उसको कंपनी के जरिए फैट चेक करके 45 से 50 रुपये का भुगतान किया जाता है। फिर इसका सिरकोनी के सुरहुरपुर में प्रोसेसिंग सेंटर पर पहुंचाया जाता है। यहां पर 500 लीटर की चीलर मशीन, ब्वायलर, पनीर प्रेस हुब्स रखा गया है। यहीं पर डेयरी के रूप में रोजाना दूध, दही, मक्खन, घी, छेना, खोआ को तैयार करके बाजार भाव पर बेचते है। इसको मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंटों, शादी के लगन में भेजते हैं। इसके लिए दो कलेक्शन सेंटर सुरहुरपुर व इजरी मनहन में बनाया गया है। जलालपुर में इसके लिए आउटलेट दुकान भी खोली गई है, जिससे फुटकर व थोक बिक्री भी हो सके। वर्तमान में एफपीओ का टर्नओवर 8.22 लाख रुपये है। इस बार इसको एक करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
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फॉर्म मशीनरी बैंक:-एफपीओ के माध्यम से फार्म मशीनरी बैंक बनाया गया है। इसमें एफपीओ शेयर धारक किसानों के खेती की जोताई, बोआई, दवा छिड़काव, खाद, बीज डालने का काम बाजार भाव से 10 फीसदी कम दर पर किया जाता है।
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क्या हैं एफपीओ:-एफपीओ का मतलब किसान उत्पादक संगठन है। यह किसान उत्पादकों का एक संगठन है जो छोटे किसानों को इनपुट, तकनीकी सेवाओं का लाभ देते है। साथ ही उनको उनके उत्पाद का बाजार भाव व उचित मूल्य दिलाते है।