जौनपुर। सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग उत्तर प्रदेश शासन एवं जनपद के नोडल अधिकारी के रविंद्र नायक ने मंगलवार की शाम सिटी स्टेशन के निकट निर्माणाधीन ओवरब्रिज जगदीशपुर के पास निर्माणाधीन होमगार्ड आवासीय भवनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ओवरब्रिज निर्माण की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। ओवर ब्रिज के दोनों तरफ खराब पड़े रास्ते को भी ठीक करने को ठीक कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण कार्य का किसी थर्ड पार्टी से सत्यापन कराया जाए।
वह शाम को सवा छह बजे शहर में पहुंचे तो सीधे सिटी स्टेशन के पास पिछले छह साल से बन रहे ओवर ब्रिज का निरीक्षण करने पहुंच गए। उन्होंने वाराणसी की घटना से सबक लेने का निर्देश दिया। कहा कि ओवरब्रिज निर्माण की क्वालिटी और इसकी डिजाइन की जांच होनी चाहिए। इसका सत्यापन आईआईटी बीएचयू या किसी अन्य थर्ड पार्टी से कराई जाए। उन्होंने कार्य में देरी का कारण पूछा तो जिले के अफसरों ने बताया कि पूर्व में आरओवी के आस पास के कुछ दुकानदार और नर्सिग होम संचालकों ने कोर्ट से स्थगन आदेश ले लिया था। स्थगन आदेश कोर्ट से खारिज हुआ तो लागत बढ़ गई। बीच में बजट का भी संकट रहा। लेकिन अब सारी समस्या दूर हो गई है और निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहा है। यहां से वह जगदीशपुर पहुंचे जहां प्रोजेक्ट कार्पोरेशन द्वारा बनाये जा रहे होमगार्ड आवासीय भवनों में उपयोग किये गये समानों की जांच की। भवन में लगी टाइल्स, वायरिंग में लगाए गए तार की क्वालिटी की जांच की। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि एक स्वतंत्र कमेटी का गठन किया जाय जो गुणवत्ता की जांचकर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने भवनों को शीघ्र बनाकर हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। जांच के बाद वह कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में देर शाम तक बैठक किए। इस अवसर पर जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी दयाराम, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राम दरस यादव, उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम रोहित मिश्रा उपस्थित रहे।