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शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर छह घंटे तक रोकी अंत्येष्टि
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09- मछलीशहर क्षेत्र के गोहका गोहका गांव बीएसएफ के असिस्टेन्ट कमांडर के पार्थिव शरीर पुष्प अर्पित ?
- फोटो : JAUNPUR
मछलीशहर। बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट विजय बहादुर यादव का शव शनिवार की सुबह पैतृक गांव गोहका पहुंचा। परिजनों ने शहीद का दर्जा देने के लिए अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। मछलीशहर सांसद बीपी सरोज, राज्य मंत्री गिरीश चंद यादव, डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसपी अशोक कुमार मान-मनुहार करते रहे। बीएसएफ के उच्चाधिकारियों से जांच पूरी होने के बाद ही कार्यवाही का आश्वासन देकर छह घंटे बाद अंतिम संस्कार करने के लिए राजी किया। जौनपुर के गोमती नदी तट के रामघाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
जम्मू कश्मीर के कराल कृष्णा बार्डर पर गुरुवार को संदिग्ध हाल में गोली लगने से असिस्टेंट कमांडेंट विजय बहादुर यादव की मौत हो गई थी। उनका शव शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे पैतृक गांव गोहका पहुंचा। बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मोहित कुमार ने परिजनों को शव सुपुर्द किया। पत्नी जड़ावती देवी, बेटा विनोद कुमार, विकास, बेटी प्रियंका, भाई हंसराज यादव सहित अन्य परिजन शव से लिपट कर रोने लगे। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ी भीड़ में लोग विजय बहादुर अमर रहे का घोष करने लगे। मछलीशहर के सांसद बीपी सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, आवास-विकास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव, डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसपी अशोक कुमार भी गोहका पहुंच गए। परिजन और ग्रामीण विजय बहादुर यादव को शहीद का दर्जा देने की मांग पर अड़ गए और कहा कि बिना यह मांग पूरी हुए अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। डीएम ने शव के साथ जम्मू से आए बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मोहित कुमार से इस बारे में वार्ता की। मोहित कुमार ने बताया कि मामले में जम्मू में लोकल पुलिस व बीएसएफ ने अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। उनकी मौत से संबंधित सभी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद शहीद का दर्जा देने पर विचार होगा। परिजन इस पर सहमत नहीं हुए। बाद में डीएम ने बीएसएफ के उच्चाधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच पूरी होने के बाद शहीद का दर्जा देने की मांग पूरी की जाएगी। करीब छह घंटे बाद अपराह्न दो बजे परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए। गांव से ढ़ाई बजे अंतिम यात्रा निकली। अफसरों ने शव पर पुष्पाजंलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
मछलीशहर। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम बिहारी यादव की अध्यक्षता में हुई शोक सभा में विजय बहादुर यादव को श्रद्धांजलि दी गई। अधिवक्ताओं मौत की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए शहीद का दर्जा देने की मांग की। न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, प्रेमचंद्र विश्वकर्मा, केदारनाथ यादव, आरपी सिंह, अशोक श्रीवास्तव, सुरेश बहादुर सिंह, विनय पांडेय, अजय सिंह, सती राम यादव, विकास यादव आदि मौजूद रहे। उधर, सपा नेता रजनीश मिश्र ने जगदीशपुर भूवालापट्टी में बैठक कर शहीद का दर्जा और परिजनों को एक करोड़ रुपये की मदद देने की मांग की। बैठक में विनोद शर्मा, शैलेश यादव, प्रवेश यादव, राज तिवारी, मुकेश मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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तेज बहादुर से हुई अफसरों की नोकझोंक
मछलीशहर। बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट विजय बहादुर यादव का शव गांव पहुंचने की खबर मिलते ही बीएसएफ का बर्खास्त सिपाही तेजबहादुर यादव भी पहुंच गया। बीएसएफ के अधिकारियों और ग्रामीणों से वार्ता के दौरान उसने कई बार हस्तक्षेप की कोशिश की। वह फैक्स से शहीद का दर्जा देने के बाबत आदेश मंगाने का ग्रामीणों पर दबाव दे रहा था। इसे लेकर शव के साथ आए बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मोहित कुमार से उसकी नोकझोंक हुई।
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जम्मू कश्मीर के कराल कृष्णा बार्डर पर गुरुवार को संदिग्ध हाल में गोली लगने से असिस्टेंट कमांडेंट विजय बहादुर यादव की मौत हो गई थी। उनका शव शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे पैतृक गांव गोहका पहुंचा। बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मोहित कुमार ने परिजनों को शव सुपुर्द किया। पत्नी जड़ावती देवी, बेटा विनोद कुमार, विकास, बेटी प्रियंका, भाई हंसराज यादव सहित अन्य परिजन शव से लिपट कर रोने लगे। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ी भीड़ में लोग विजय बहादुर अमर रहे का घोष करने लगे। मछलीशहर के सांसद बीपी सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, आवास-विकास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव, डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसपी अशोक कुमार भी गोहका पहुंच गए। परिजन और ग्रामीण विजय बहादुर यादव को शहीद का दर्जा देने की मांग पर अड़ गए और कहा कि बिना यह मांग पूरी हुए अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। डीएम ने शव के साथ जम्मू से आए बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मोहित कुमार से इस बारे में वार्ता की। मोहित कुमार ने बताया कि मामले में जम्मू में लोकल पुलिस व बीएसएफ ने अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। उनकी मौत से संबंधित सभी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद शहीद का दर्जा देने पर विचार होगा। परिजन इस पर सहमत नहीं हुए। बाद में डीएम ने बीएसएफ के उच्चाधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच पूरी होने के बाद शहीद का दर्जा देने की मांग पूरी की जाएगी। करीब छह घंटे बाद अपराह्न दो बजे परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए। गांव से ढ़ाई बजे अंतिम यात्रा निकली। अफसरों ने शव पर पुष्पाजंलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
मछलीशहर। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम बिहारी यादव की अध्यक्षता में हुई शोक सभा में विजय बहादुर यादव को श्रद्धांजलि दी गई। अधिवक्ताओं मौत की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए शहीद का दर्जा देने की मांग की। न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, प्रेमचंद्र विश्वकर्मा, केदारनाथ यादव, आरपी सिंह, अशोक श्रीवास्तव, सुरेश बहादुर सिंह, विनय पांडेय, अजय सिंह, सती राम यादव, विकास यादव आदि मौजूद रहे। उधर, सपा नेता रजनीश मिश्र ने जगदीशपुर भूवालापट्टी में बैठक कर शहीद का दर्जा और परिजनों को एक करोड़ रुपये की मदद देने की मांग की। बैठक में विनोद शर्मा, शैलेश यादव, प्रवेश यादव, राज तिवारी, मुकेश मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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तेज बहादुर से हुई अफसरों की नोकझोंक
मछलीशहर। बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट विजय बहादुर यादव का शव गांव पहुंचने की खबर मिलते ही बीएसएफ का बर्खास्त सिपाही तेजबहादुर यादव भी पहुंच गया। बीएसएफ के अधिकारियों और ग्रामीणों से वार्ता के दौरान उसने कई बार हस्तक्षेप की कोशिश की। वह फैक्स से शहीद का दर्जा देने के बाबत आदेश मंगाने का ग्रामीणों पर दबाव दे रहा था। इसे लेकर शव के साथ आए बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मोहित कुमार से उसकी नोकझोंक हुई।