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काउंसिलिंग कमेटी से लेकर, वार्डेन और बैंक की भूमिका भी संदिग्ध
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प्रीति के हर दस्तावेज पर अलग तस्वीर
काउंसिलिंग कमेटी, वार्डेन और बैंक की भूमिका पर संदेह, जारी होगा नोटिस
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बर्खास्त शिक्षिका मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज से बर्खास्त फर्जी शिक्षिका प्रीति यादव की नियुुुक्ति के मामले में काउंसिलिंग कमेटी से लेकर वार्डेन और बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। मामले की विवेचना कर रही पुलिस सबको नोटिस जारी करने की तैयारी में है। दरअसल प्रीति के हर दस्तावेज पर अलग-अलग तस्वीरें लगी हैं और कोई किसी से मैच नहीं कर रही है.
प्रीति ने काउंसिलिंग के लिए जो दस्तावेज दाखिल किए थे, उसे जांच अधिकारी उप निरीक्षक गोविंद देव मिश्र ने कब्जे में ले लिया है। आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, हाईस्कूल और स्नातक के अंकपत्र, पैन कार्ड सभी पर अलग-अलग फोटो लगी हैं। कोई तस्वीर दूसरी से मेल नहीं खा रही है। नौकरी ज्वाइन करने वाली प्रीति फोटो में 22 से 25 वर्ष की लग रहा है जबकि आधार कार्ड और पैन कार्ड में 40 से 45 वर्ष की महिला की फोटो लगी है। पैन और आधार की फोटो भी अलग-अलग है। हाईस्कूल की मार्कशीट पर लगी तस्वीर अस्पष्ट है। उसे देख कर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि वह छात्र की फोटो है या छात्रा की। स्नातक की मार्कशीट लगी फोटो ही असली प्रीति यादव की है। जालसाजों ने स्नातक की मार्कशीट बिना छेड़छाड़ के लगा दी है।
आवेदन में इतनी खामियों के बावजूद काउंसिलिंग के समय क्यों नहीं पकड़ा गया। यह बात भी जांच के दायरे में आ गई है। काउंसिलिंग कमेटी में डायट के प्रवक्ता ब्रह्मप्रकाश सिंह, प्रवक्ता नीतू सिंह, सहायक अध्यापक धनहुआ (मछलीशहर) के संतोष तिवारी और सहायक अध्यापक केशवपुर (धर्मापुर) महेंद्र यादव शामिल थे। इनसे पूछताछ की तैयारी है, उनको नोटिस भेजा जा रहा है। यूबीआई की मुख्य शाखा में प्रीति के खाते में अलग फोटो लगी है। खाता खोलने के लिए वार्डेन ने प्रीति का जो पहचान पत्र जारी किया है, उसे बिना फोटो के ही प्रमाणित कर दिया है। बैंक पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जब बिना फोटो के ही पहचान प्रमाणित की गई थी तो बैंक ने यह कैसे मान लिया कि जो महिला बैंक में खाता खोलने के लिए आई है, वही कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ाती है।
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इनसेट
अब क्राइम ब्रांच करेगी फर्जी शिक्षिकाओं की जांच
जौनपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बर्खास्त शिक्षिका प्रीति यादव और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिहिया से बर्खास्त शिक्षिका दीप्ति के मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है। एसपी अशोक कुमार के निर्देश पर विवेचना स्थानांतरित की गई है। अभीतक इस मामले की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक गोविंद देव मिश्र अबतक हुई जांच में जितने भी तथ्य सामने आए हैं उसकी रिपोर्ट के साथ सारी फाइल अब क्राइम ब्रांच को सौंपेंगे।
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काउंसिलिंग कमेटी, वार्डेन और बैंक की भूमिका पर संदेह, जारी होगा नोटिस
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बर्खास्त शिक्षिका मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज से बर्खास्त फर्जी शिक्षिका प्रीति यादव की नियुुुक्ति के मामले में काउंसिलिंग कमेटी से लेकर वार्डेन और बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। मामले की विवेचना कर रही पुलिस सबको नोटिस जारी करने की तैयारी में है। दरअसल प्रीति के हर दस्तावेज पर अलग-अलग तस्वीरें लगी हैं और कोई किसी से मैच नहीं कर रही है.
प्रीति ने काउंसिलिंग के लिए जो दस्तावेज दाखिल किए थे, उसे जांच अधिकारी उप निरीक्षक गोविंद देव मिश्र ने कब्जे में ले लिया है। आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, हाईस्कूल और स्नातक के अंकपत्र, पैन कार्ड सभी पर अलग-अलग फोटो लगी हैं। कोई तस्वीर दूसरी से मेल नहीं खा रही है। नौकरी ज्वाइन करने वाली प्रीति फोटो में 22 से 25 वर्ष की लग रहा है जबकि आधार कार्ड और पैन कार्ड में 40 से 45 वर्ष की महिला की फोटो लगी है। पैन और आधार की फोटो भी अलग-अलग है। हाईस्कूल की मार्कशीट पर लगी तस्वीर अस्पष्ट है। उसे देख कर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि वह छात्र की फोटो है या छात्रा की। स्नातक की मार्कशीट लगी फोटो ही असली प्रीति यादव की है। जालसाजों ने स्नातक की मार्कशीट बिना छेड़छाड़ के लगा दी है।
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आवेदन में इतनी खामियों के बावजूद काउंसिलिंग के समय क्यों नहीं पकड़ा गया। यह बात भी जांच के दायरे में आ गई है। काउंसिलिंग कमेटी में डायट के प्रवक्ता ब्रह्मप्रकाश सिंह, प्रवक्ता नीतू सिंह, सहायक अध्यापक धनहुआ (मछलीशहर) के संतोष तिवारी और सहायक अध्यापक केशवपुर (धर्मापुर) महेंद्र यादव शामिल थे। इनसे पूछताछ की तैयारी है, उनको नोटिस भेजा जा रहा है। यूबीआई की मुख्य शाखा में प्रीति के खाते में अलग फोटो लगी है। खाता खोलने के लिए वार्डेन ने प्रीति का जो पहचान पत्र जारी किया है, उसे बिना फोटो के ही प्रमाणित कर दिया है। बैंक पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जब बिना फोटो के ही पहचान प्रमाणित की गई थी तो बैंक ने यह कैसे मान लिया कि जो महिला बैंक में खाता खोलने के लिए आई है, वही कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ाती है।
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अब क्राइम ब्रांच करेगी फर्जी शिक्षिकाओं की जांच
जौनपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बर्खास्त शिक्षिका प्रीति यादव और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिहिया से बर्खास्त शिक्षिका दीप्ति के मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है। एसपी अशोक कुमार के निर्देश पर विवेचना स्थानांतरित की गई है। अभीतक इस मामले की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक गोविंद देव मिश्र अबतक हुई जांच में जितने भी तथ्य सामने आए हैं उसकी रिपोर्ट के साथ सारी फाइल अब क्राइम ब्रांच को सौंपेंगे।