जौनपुर। बुधवार को हुई हल्की बूंदाबादी के बाद मौसम ने फिर करवट ली। आसमान में बादलों का जमावड़ा हो गया। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। लोग वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, फ्लू, एलर्जी और पेट से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और सर्दी-गर्मी से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। इससे वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, फ्लू, एलर्जी और पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ रहीं हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। चिकित्सकों ने स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार, पर्याप्त पानी, गर्म कपड़े और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी है। मौसम में बदलाव के कारण असंतुलन का असर लोगों के व्यवहार और दिनचर्या पर पड़ रहा है। उदासी महसूस होना, बिना कारण चिड़चिड़ापन, ऊर्जा की कमी, ज्यादा नींद आना और काम में अरुचि जैसे लक्षण आम हो गए हैं। इससे कई लोग खुद को दिनभर थका हुआ महसूस कर रहे हैं, जबकि पर्याप्त आराम के बाद भी ताजगी नहीं मिल पा रही। मानसिक असर के साथ मौसम परिवर्तन से शारीरिक परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। एलर्जी का हमला, त्वचा पर चकत्ते, पेट से जुड़ा वायरल संक्रमण और लगातार बनी रहने वाली थकान लोगों को परेशान करती है। बदलते मौसम में इम्यूनिटी कमजोर पड़ने से ये समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन सी के लिए नींबू, संतरा, आंवलायुक्त भोजन लें। पर्याप्त पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें। खाने से पहले हाथ धोएं और बाहर के खाने से बचें। ठंड में शरीर को गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढक कर रखें। 7-8 घंटे की नींद लें और हल्का व्यायाम या योग करें। यदि लक्षण सामान्य से अधिक समय तक बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। डाॅ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि मौसम में बदलाव के समय वायरल इन्फेक्शन तापमान में बार-बार बदलाव से फ्लू, बुखार और सर्दी-जुकाम आम हो गया है। हवा में धूल के कण बढ़ने से अस्थमा और एलर्जी का खतरा बढ़ता जाता है। गर्मी और नमी के कारण अपच, दस्त और फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं। मौसम में बदलाव से नसों और ऊतकों पर दबाव के कारण जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ सकती है। अस्थमा की परेशानी भी देखने को मिल सकती है।