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दिलीप राय बलवानी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस
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जौनपुर। जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के डमरुआ गांव निवासी एवं समाजसेवी दिलीप राय बलवानी के खिलाफ लखनऊ के विभूतिखंड थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई वाराणसी के नवलपुर शिवपुर स्थित सर्वेश्वरी नगर कॉलोनी निवासी डॉ परमेंद्र सिंह की तहरीर पर की है। मामले की जांच की जा रही है। हालांकि दिलीप राय ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए विरोधियों की साजिश करार दिया है।
पुलिस को दी गई तहरीर में डॉ परमेंद्र ने आरोप लगाया है कि दिलीप राय बलवानी को लखनऊ में जमीन के लिए साढ़े सात लाख रुपये दिया था। इसमें साढ़े तीन लाख रुपये 12 जनवरी 2019 को उनके ऑफिस में नकद और शेष चार लाख रुपये 16 फरवरी 2019 को प्रिया इंफ्रावेंचर के खाते में जमा किया गया। उन्होंने न तो जमीन दिलवाया और न ही पैसे वापस किए। काफी दबाव बनाने पर दिलीप ने पैसे वापस करने के लिए दो चेक भी दिए, लेकिन उसमें जानबूझकर खामी छोड़ने के चलते चेक से भुगतान नहीं हो सका। उनकी तहरीर पर पुलिस ने दिलीप राय बलवानी और उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रीता राय बलवानी के खिलाफ 10 दिसंबर को केस दर्ज किया है। इस संबंध में दिलीप राय बलवानी का कहना है कि समाजसेवा से मेरी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर कुछ लोग छवि खराब करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। मेरी कंपनी प्रिया इंफ्रावेंचर्स रीयल स्टेट का काम करती ही नहीं। कंपनी सिर्फ सरकारी कार्यों से संबंधित कार्य ही करती है। दरअसल, परमेंद्र सिंह के भाई ने बीटीसी व बीएड के दाखिले को लेकर मुझसे पैसे की मांग की थी। मैंने उनके खाते में सात लाख रुपया भेज दिया था। अब मैने उनसे पैसे की मांग की तो अपने प्रभाव के बल पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
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पुलिस को दी गई तहरीर में डॉ परमेंद्र ने आरोप लगाया है कि दिलीप राय बलवानी को लखनऊ में जमीन के लिए साढ़े सात लाख रुपये दिया था। इसमें साढ़े तीन लाख रुपये 12 जनवरी 2019 को उनके ऑफिस में नकद और शेष चार लाख रुपये 16 फरवरी 2019 को प्रिया इंफ्रावेंचर के खाते में जमा किया गया। उन्होंने न तो जमीन दिलवाया और न ही पैसे वापस किए। काफी दबाव बनाने पर दिलीप ने पैसे वापस करने के लिए दो चेक भी दिए, लेकिन उसमें जानबूझकर खामी छोड़ने के चलते चेक से भुगतान नहीं हो सका। उनकी तहरीर पर पुलिस ने दिलीप राय बलवानी और उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रीता राय बलवानी के खिलाफ 10 दिसंबर को केस दर्ज किया है। इस संबंध में दिलीप राय बलवानी का कहना है कि समाजसेवा से मेरी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर कुछ लोग छवि खराब करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। मेरी कंपनी प्रिया इंफ्रावेंचर्स रीयल स्टेट का काम करती ही नहीं। कंपनी सिर्फ सरकारी कार्यों से संबंधित कार्य ही करती है। दरअसल, परमेंद्र सिंह के भाई ने बीटीसी व बीएड के दाखिले को लेकर मुझसे पैसे की मांग की थी। मैंने उनके खाते में सात लाख रुपया भेज दिया था। अब मैने उनसे पैसे की मांग की तो अपने प्रभाव के बल पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
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