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पूर्व मंत्री वंश नारायण् सिंह पटेल का निधन
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पूर्व मंत्री बंश नारायण सिंह पटेल की फाईल फोटो।
- फोटो : JAUNPUR
नेवढ़िया। प्रदेश के पूर्व ग्राम विकास, कृषि एवं खाद्य रसद राज्यमंत्री वंश नारायण सिंह पटेल (70) का शुक्रवार की शाम हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। वर्ष 1997 में मंत्री रहे वंशनारायण सिंह पटेल के निधन की खबर मिलते ही समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।
क्षेत्र के चकईपुर गांव निवासी वंश नारायण सिंह पटेल पेशे से अधिवक्ता थे। वर्ष 1996 में बसपा के टिकट पर बरसठी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। एक वर्ष बाद भाजपा में चले गए। कल्याण सिंह के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्हें ग्राम विकास, कृषि एवं खाद्य रसद राज्यमंत्री बनाया गया। वर्ष 2000 तक वह इसी पद पर रहे। हमेशा छाता लेकर चलने के कारण उनकी अलग पहचान थी। लंबे समय से वह राजनीति से दूर थे। जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले वंश नारायण सिंह पटेल पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार की सुबह सीने में तेज दर्द होने की शिकायत पर पुत्र ज्ञान सिंह पटेल ने उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई। निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पैतृक आवास पर शोक जताने वालों का तांता लग गया।
निगोह तहसील के जौनपुर विलय में निभाई अहम भूमिका
रामनगर। वंश नारायण सिंह पटेल ने अपने कार्यकाल में नोनारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, शेखूपुर में बीएसएनएल एक्सचेंज, सैजनी पुल, सुरेरी सहित कई पुलों का निर्माण कराया। सड़क, पेयजल के लिए भी कार्य किए। निगोह तहसील का जौनपुर में शामिल कराने में इनकी अहम भूमिका रही। संत रविदासनगर जिले के गठन के समय निगोह को तहसील का दर्जा देते हुए उसमें शामिल कर लिया गया था। जौनपुर की मड़ियाहूं तहसील का हिस्सा रहे निगोह के संतरविदासनगर जिले में जाने से लोगों में असंतोष था। वंश नारायण सिंह पटेल ने इसे फिर से मड़ियाहूं तहसील में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
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क्षेत्र के चकईपुर गांव निवासी वंश नारायण सिंह पटेल पेशे से अधिवक्ता थे। वर्ष 1996 में बसपा के टिकट पर बरसठी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। एक वर्ष बाद भाजपा में चले गए। कल्याण सिंह के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्हें ग्राम विकास, कृषि एवं खाद्य रसद राज्यमंत्री बनाया गया। वर्ष 2000 तक वह इसी पद पर रहे। हमेशा छाता लेकर चलने के कारण उनकी अलग पहचान थी। लंबे समय से वह राजनीति से दूर थे। जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले वंश नारायण सिंह पटेल पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार की सुबह सीने में तेज दर्द होने की शिकायत पर पुत्र ज्ञान सिंह पटेल ने उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई। निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पैतृक आवास पर शोक जताने वालों का तांता लग गया।
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निगोह तहसील के जौनपुर विलय में निभाई अहम भूमिका
रामनगर। वंश नारायण सिंह पटेल ने अपने कार्यकाल में नोनारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, शेखूपुर में बीएसएनएल एक्सचेंज, सैजनी पुल, सुरेरी सहित कई पुलों का निर्माण कराया। सड़क, पेयजल के लिए भी कार्य किए। निगोह तहसील का जौनपुर में शामिल कराने में इनकी अहम भूमिका रही। संत रविदासनगर जिले के गठन के समय निगोह को तहसील का दर्जा देते हुए उसमें शामिल कर लिया गया था। जौनपुर की मड़ियाहूं तहसील का हिस्सा रहे निगोह के संतरविदासनगर जिले में जाने से लोगों में असंतोष था। वंश नारायण सिंह पटेल ने इसे फिर से मड़ियाहूं तहसील में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
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