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पूर्वांचल के पचास कॉलेजों में लग सकते हैं ताले
jaunpur
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:57 AM IST
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध 50 से अधिक कालेजों की संबद्धता पर खतरा मंडरा रहा है। इन कॉलेजों को संबद्धता तो मिल गई लेकिन छात्र नहीं मिल रहे हैं।
महाविद्यालय से जुड़े कालेजों की संख्या भले ही बढ़ गई है लेकिन छात्रों की संख्या लगभग उतनी ही है जितनी पिछले वर्ष थी। कॉलेज संचालक इस बात से हलकान हैं कि यदि उनके यहां दाखिला नहीं हुआ तो कालेज में ताला लग जाएगा।
विश्वविद्यालय से पांच जिलों के महाविद्यालय संबद्ध हैं। जौनपुर आजमगढ़, गाजीपुर और मऊ के अलावा इलाहाबाद जनपद का एक कालेज संबद्ध है। सत्र 2017 में विश्वविद्यालय में संबद्ध कालेजों की संख्या 771 थी।
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इसमें कुल 5.35 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। चालू सत्र में कालेजों की संख्या बढ़कर पांच जिलों में 808 कालेज पहुंच गई लेकिन छात्रों की संख्या उतनी ही रह गई है। इस बार मुख्य परीक्षा में 5 लाख 35554 छात्र बैठेंगे।
इस तरह छात्रों की संख्या महज पांच सौ का इजाफा हुआ है। कालेजों की संख्या 37 बढ़ी है। इसके अलावा भी कुछ कॉलेज हैं जिनको मान्यता मिली है। नए कालेजों को मान्यता तो मिल गई लेकिन छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हुई।
कॉलेजों को पहले तीन विषयों की मान्यता मिलती है। इसमें छात्रों की संख्या मानक के अनुसार होती है। परीक्षा अधीक्षक विनोद तिवारी ने बताया कि कालेजों की संख्या तो बढ़ी है लेकिन छात्रों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ है। चालू सत्र में करीब 37 कालेज बढ़े हैं।
मेडल पाने वालों में दो के नाम बदले
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में जिन 58 छात्रों को गोल्ड मेडल दिया जाना है, उनमें से दो छात्रों के नाम में फेरबदल किया गया है। पहले से तय नामों में से दो अन्य छात्रों का नाम जोड़ा गया है।
इलेक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन (ईसी) की छात्रा मुस्कान के स्थान पर आनंद कुमार और फार्मेसी की छात्रा रीता के स्थान पर प्रेम कुमार त्यागी का नाम शामिल किया गया। शनिवार को कुलसचिव संजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सूची में संशोधन किया गया। मेडल पाने वाले छात्रों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दो छात्रों के नाम में फेर बदल करने के बाद भी मेडल पाने वाले छात्रों की संख्या भी 58 है। बैठक में डा. वंदना राय, डा. सलमान, डा. एके श्रीवास्तव, डा. दुर्गा उपाध्याय, डा. बीडी शर्मा, अधीक्षक एमएम भट्ट आदि मौजूद थे।
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महाविद्यालय से जुड़े कालेजों की संख्या भले ही बढ़ गई है लेकिन छात्रों की संख्या लगभग उतनी ही है जितनी पिछले वर्ष थी। कॉलेज संचालक इस बात से हलकान हैं कि यदि उनके यहां दाखिला नहीं हुआ तो कालेज में ताला लग जाएगा।
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विश्वविद्यालय से पांच जिलों के महाविद्यालय संबद्ध हैं। जौनपुर आजमगढ़, गाजीपुर और मऊ के अलावा इलाहाबाद जनपद का एक कालेज संबद्ध है। सत्र 2017 में विश्वविद्यालय में संबद्ध कालेजों की संख्या 771 थी।
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इसमें कुल 5.35 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। चालू सत्र में कालेजों की संख्या बढ़कर पांच जिलों में 808 कालेज पहुंच गई लेकिन छात्रों की संख्या उतनी ही रह गई है। इस बार मुख्य परीक्षा में 5 लाख 35554 छात्र बैठेंगे।
इस तरह छात्रों की संख्या महज पांच सौ का इजाफा हुआ है। कालेजों की संख्या 37 बढ़ी है। इसके अलावा भी कुछ कॉलेज हैं जिनको मान्यता मिली है। नए कालेजों को मान्यता तो मिल गई लेकिन छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हुई।
कॉलेजों को पहले तीन विषयों की मान्यता मिलती है। इसमें छात्रों की संख्या मानक के अनुसार होती है। परीक्षा अधीक्षक विनोद तिवारी ने बताया कि कालेजों की संख्या तो बढ़ी है लेकिन छात्रों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ है। चालू सत्र में करीब 37 कालेज बढ़े हैं।
मेडल पाने वालों में दो के नाम बदले
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में जिन 58 छात्रों को गोल्ड मेडल दिया जाना है, उनमें से दो छात्रों के नाम में फेरबदल किया गया है। पहले से तय नामों में से दो अन्य छात्रों का नाम जोड़ा गया है।
इलेक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन (ईसी) की छात्रा मुस्कान के स्थान पर आनंद कुमार और फार्मेसी की छात्रा रीता के स्थान पर प्रेम कुमार त्यागी का नाम शामिल किया गया। शनिवार को कुलसचिव संजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सूची में संशोधन किया गया। मेडल पाने वाले छात्रों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दो छात्रों के नाम में फेर बदल करने के बाद भी मेडल पाने वाले छात्रों की संख्या भी 58 है। बैठक में डा. वंदना राय, डा. सलमान, डा. एके श्रीवास्तव, डा. दुर्गा उपाध्याय, डा. बीडी शर्मा, अधीक्षक एमएम भट्ट आदि मौजूद थे।