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श्रद्धा के साथ पूजी गईं आदि शक्ति शैलपुत्री
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 08 Apr 2016 07:10 PM IST
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन शीतला चौकिया माता के दर्शन के लिए लगी श्रद्घालुओं की लंबी कतार।
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वासंतिक नवरात्र के पहले दिन शुक्रवार को शहर से लेकर गांव तक माता का जयकारा गूंजता रहा। पहले दिन आदिशक्ति शैलपुत्री के स्वरूप की उपासना की गई। नवरात्र की प्रतिपदा पर देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। माता के चरणों में मत्था टेकने के लिए सुबह से लोग कतार में लगे रहे। दर्शन पूजन कर सभी ने सुख-सौभाग्य की कामना की।
नारियल, चुनरी, फूल माला सहित अन्य पूजन सामग्रियां अर्पित कर विधि विधान के साथ पूजन-अर्चन किया गया। घरों में कलश स्थापना कर मां की अर्चना शुरू हुई। मंदिरों में देर रात तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। शीतला चौकिया धाम में मांगलिक आयोजन भी हुए।नवरात्र के पहले दिन शुक्रवार को श्रद्धालुआें ने व्रत रखकर विधि विधान से नवदुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की अराधना की।
कुछ घरों में बच्चों ने भी व्रत रखा। शीतला चौकियां धाम में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। भीड़ के मद्देनजर सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए थे। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाकर दर्शन करवाया जा रहा था। दर्शन पूजन के अलावा मांगलिक आयोजन भी कराए गए।
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नवरात्र के पहले दिन शीतला चौकियां धाम में तकरीबन एक लाख श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। मंदिर परिसर में स्थित दुकानों पर खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही। महिलाओं ने शृंगार के सामान, बच्चों के गुब्बारे और खिलौने खरीदे। कुछ ऐसा ही हाल परमानतपुर स्थित मैहर देवी मंदिर का रहा।
मड़ियाहूं पड़ाव स्थित आदि शक्ति दक्षिणा काली जी मंदिर, सिपाह स्थित अचला देवी मंदिर, विसर्जन घाट स्थित नव दुर्गा मंदिर समेत सभी देवी धामों में भक्तों की भीड़ लगी रही। भोर से ही शुरू हुए दर्शन पूजन का सिलसिला शाम तक चलता रहा। घंटे-घड़ियाल की ध्वनि और माता के जयकारे से देवी धाम गूंजते रहे। सुजानगंज के गौरीशंकर धाम में भी हजारों लोगों ने शीश नवाया।
ध्वनि विस्तार यंत्रों से बजाए जा रहे देवी गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। घर में स्थित मंदिरों को भी लोगों ने आकर्षक ढंग से सजा रखा था। दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया साथ ही हलवा और फल आदि का भोग लगाया गया।
सिकरारा: चांदपुर ताहिरपुर स्थित मां शारदा मंदिर, शेरवां की संतोषी माता, बेलसड़ी के शेरावाली मंदिर, गुलजारगंज के दुर्गा मंदिर, अजोसी धाम के सिंह वाहिनी मंदिर पर विशेष पूजा की गई। समूचा क्षेत्र माता के जयकारे और घंटों की गूंज से भक्तिमय हो गए।
भक्तों ने नौ दिन का व्रत भी रखा। सतहरिया: मुंगराबादशाहपुर के मां गायत्री मंदिर पर नवरात्र के पहले दिन यज्ञ भवन और घंटों की गूंज से क्षेत्र गुुंजायमान रहा। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का रेला लगा रहा। पुरुषों के साथ महिलाआें और बच्चों की भीड़ लगी रही। ग्रामीण इलाकों में भी दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात चलता रहा।
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नारियल, चुनरी, फूल माला सहित अन्य पूजन सामग्रियां अर्पित कर विधि विधान के साथ पूजन-अर्चन किया गया। घरों में कलश स्थापना कर मां की अर्चना शुरू हुई। मंदिरों में देर रात तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। शीतला चौकिया धाम में मांगलिक आयोजन भी हुए।नवरात्र के पहले दिन शुक्रवार को श्रद्धालुआें ने व्रत रखकर विधि विधान से नवदुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की अराधना की।
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कुछ घरों में बच्चों ने भी व्रत रखा। शीतला चौकियां धाम में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। भीड़ के मद्देनजर सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए थे। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाकर दर्शन करवाया जा रहा था। दर्शन पूजन के अलावा मांगलिक आयोजन भी कराए गए।
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नवरात्र के पहले दिन शीतला चौकियां धाम में तकरीबन एक लाख श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। मंदिर परिसर में स्थित दुकानों पर खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही। महिलाओं ने शृंगार के सामान, बच्चों के गुब्बारे और खिलौने खरीदे। कुछ ऐसा ही हाल परमानतपुर स्थित मैहर देवी मंदिर का रहा।
मड़ियाहूं पड़ाव स्थित आदि शक्ति दक्षिणा काली जी मंदिर, सिपाह स्थित अचला देवी मंदिर, विसर्जन घाट स्थित नव दुर्गा मंदिर समेत सभी देवी धामों में भक्तों की भीड़ लगी रही। भोर से ही शुरू हुए दर्शन पूजन का सिलसिला शाम तक चलता रहा। घंटे-घड़ियाल की ध्वनि और माता के जयकारे से देवी धाम गूंजते रहे। सुजानगंज के गौरीशंकर धाम में भी हजारों लोगों ने शीश नवाया।
ध्वनि विस्तार यंत्रों से बजाए जा रहे देवी गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। घर में स्थित मंदिरों को भी लोगों ने आकर्षक ढंग से सजा रखा था। दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया साथ ही हलवा और फल आदि का भोग लगाया गया।
सिकरारा: चांदपुर ताहिरपुर स्थित मां शारदा मंदिर, शेरवां की संतोषी माता, बेलसड़ी के शेरावाली मंदिर, गुलजारगंज के दुर्गा मंदिर, अजोसी धाम के सिंह वाहिनी मंदिर पर विशेष पूजा की गई। समूचा क्षेत्र माता के जयकारे और घंटों की गूंज से भक्तिमय हो गए।
भक्तों ने नौ दिन का व्रत भी रखा। सतहरिया: मुंगराबादशाहपुर के मां गायत्री मंदिर पर नवरात्र के पहले दिन यज्ञ भवन और घंटों की गूंज से क्षेत्र गुुंजायमान रहा। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का रेला लगा रहा। पुरुषों के साथ महिलाआें और बच्चों की भीड़ लगी रही। ग्रामीण इलाकों में भी दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात चलता रहा।