फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   First decision in the state under BNS, 25 years imprisonment to the accused of rape in 31 days

Jaunpur News: बीएनएस के तहत प्रदेश में पहला फैसला, 31 दिन में दुष्कर्म के दोषी को 25 साल की सजा

Thu, 29 May 2025 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 May 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
First decision in the state under BNS, 25 years imprisonment to the accused of rape in 31 days
जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार द्वितीय ने बृहस्पतिवार को भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रदेश में पहला फैसला 31 दिन में सुनाया है। कोर्ट ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के दोषी को 25 साल के कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई। इस मामले में पुलिस ने भी घटना के 24 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी करने के साथ ही चार्जशीट दाखिल की थी।
विज्ञापन


27 अप्रैल 2025 को जफराबाद थाना क्षेत्र में एक गांव में धर्म स्थल के बाहर खेल रही छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने खुर्शीद आलम उर्फ मोहम्मद हमजा को हिरासत में लिया था। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर विवेचना पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि 29 अप्रैल को कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लिया था। अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार द्वितीय की अदालत में प्रतिदिन इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने 3 मई को आरोप तय किए। 29 मई को कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है। साथ ही, दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन


शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता के तहत 31 दिनों में यह प्रदेश में पहली सजा सुनाई गई है। इस मामले में पीड़िता की मां ने तहरीर दी थी। सात गवाहों को पेश किया गया था। भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रदेश स्तर पर इतने कम दिनों में सजा सुनाए जाने का यह रिकार्ड अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




गवाह प्रभावित न हो, इसलिए लगातार संपर्क में रही पुलिस-सिरकोनी। इस मामले में पुलिस की सराहना हो रही है। पीड़िता के मोहल्लेवासियों का कहना है कि गवाहों पर कोई किसी तरह का दबाव न बना पाए, इसलिए पुलिस लगातार उनके संपर्क में रही। कोर्ट में लगातार तारीख व गवाही का सिलसिला चलता रहा। इस मामले में गवाह विनय मौर्य, आशीष मौर्य, धर्मेंद्र दुबे, विनोद व अनिल ने बताया कि सुनवाई के दौरान 10 दिनों तक हम सभी को कोर्ट में बुलाया गया। न्यायालय के इस तेज प्रक्रिया का हम सभी सम्मान करते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed