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पेंड़ों की टहनियों से उलझे तार दे रहे हादसों का दावत
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जोगियापुर में बिजली खंभे पर लटकी पेड़ की टहनी। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पेड़ों ही टहनियों की कांट छांट आदि मरम्मत करने की कवायद कागजों तक ही सिमटी रहती है। हकीकत में देखा जाए तो शहर से लेकर गांवों तक कई स्थानों पर बिजली के तार पेड़ों की टहनियों के बीच से गुजर रहे हैं। कई जगह तो बिजली के तारों में टहनियां उलझी हुई रहती हैं। बारिश शुरू हो गई, लेकिन अभी तक इनकी कांट छांट नहीं हुई। ऐसे में बिजली खंभों के आसपास रह रहे लोगों को डर सताने लगा है। निर्बाध आपूर्ति का दावा भी खोखला साबित हो रहा है क्योंकि डालियों के तार से टकराने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
मानसून आने से पूर्व ही बिजली विभाग जिले में अभियान चलाकर विद्युत पोलों और तारों पर लटकी पेड़ों की टहनियों को कटवाता है। इससे कि बारिश के समय विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या न आए। हाल यह है कि कई जगहों पर विद्युत पोलों और तारों पर पेड़ों की टहनियां लटक रही हैं। विभाग अभी उसे कटवा नहीं पाया है। कहीं-कहीं तो घनी डालियों के बीच बिजली के तार दिखाई ही नहीं देते हैं। शहर से गांव तक तारों और पोलों पर पेड़ों की टहनियां लटकी हुई हैं। बरसात के समय अगर तेज हवा चली तो शार्ट सर्किट के चलते आपूर्ति गुल होने से कोई रोक नहीं पाएगा। इतना ही नहीं, तेज हवा के कारण जब पेड़ की टहनियां जर्जर विद्युत तारों के संपर्क में आतीं हैं तो अक्सर तार टूटकर गिर भी जाते हैं, इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। शहर में जोगियापुर, रूहट्टा, शेखपुर, कलेक्ट्रेट, चौकिया समेत कई जगहों पर बिजली के खंभे और बिजली के तारों पर पेड़ों की छाल लटकी हुई है। कार्यालय सहायक महानिरीक्षक कार्यालय उपनिबंधक परिसर में पेड़ों की टहनियों के बीच बिजली के तार उलझे हुए हैं। इस कार्यालय में प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। राम सिंह एडवोकेट नोटरी, दयाराम यादव दस्तावेज लेखाकार, अशोक श्रीवास्तव ने संबधित अधिकारियों से पेड़ों की तारों पर लटके पेड़ की टहनियों की छंटाई कराने की मांग की है।
मछलीशहर क्षेत्र में बिजली के तार पेड़ों की टहनियों के बीच से गुजरे हैं। प्रतिवर्ष बिजली विभाग द्वारा इनकी कटाई-छंटाईं की जाती हैं। इससे बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो सके, लेकिन चालू वर्ष में नगर समेत ग्रामीण इलाकों में टहनियों की छंटाई नहीं हुई है। नगर के फौजदार इंटर कालेज में भी देखने को मिला, जहां नीम और लिप्टस की टहनियों के बीच से बिजली का तार गुजरा है। सिकरारा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कई गांवों में बिजली के जर्जर तारों से आए दिन फाल्ट आते रहते हैं। कई जगहों पर पेड़ों की डालियां तारों से सटी हैं। हवा चलने पर उनसे चिंगारियां निकलती हैं। इससे तार टूटकर गिर जाते हैं। शेरवा गांव निवासी पंकज सिंह बताया कि इस उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति की दशा बहुत खराब है। जेई ओवरलोडिंग का बहाना बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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वर्जन
जहां-जहां बिजली के तार पेड़ों की डालियों से टकरा रहे हैं या टहनियों से उलझे हुए हैं, उन्हें जल्द ही ठीक किया जाएगा। बारिश में बिजली से संबंधित किसी प्रकार की समस्या न आए, इसका ध्यान दिया जा रहा है। - शुभेंदु शाह, एक्सईएन विद्युत खंड तृतीय
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मानसून आने से पूर्व ही बिजली विभाग जिले में अभियान चलाकर विद्युत पोलों और तारों पर लटकी पेड़ों की टहनियों को कटवाता है। इससे कि बारिश के समय विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या न आए। हाल यह है कि कई जगहों पर विद्युत पोलों और तारों पर पेड़ों की टहनियां लटक रही हैं। विभाग अभी उसे कटवा नहीं पाया है। कहीं-कहीं तो घनी डालियों के बीच बिजली के तार दिखाई ही नहीं देते हैं। शहर से गांव तक तारों और पोलों पर पेड़ों की टहनियां लटकी हुई हैं। बरसात के समय अगर तेज हवा चली तो शार्ट सर्किट के चलते आपूर्ति गुल होने से कोई रोक नहीं पाएगा। इतना ही नहीं, तेज हवा के कारण जब पेड़ की टहनियां जर्जर विद्युत तारों के संपर्क में आतीं हैं तो अक्सर तार टूटकर गिर भी जाते हैं, इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। शहर में जोगियापुर, रूहट्टा, शेखपुर, कलेक्ट्रेट, चौकिया समेत कई जगहों पर बिजली के खंभे और बिजली के तारों पर पेड़ों की छाल लटकी हुई है। कार्यालय सहायक महानिरीक्षक कार्यालय उपनिबंधक परिसर में पेड़ों की टहनियों के बीच बिजली के तार उलझे हुए हैं। इस कार्यालय में प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। राम सिंह एडवोकेट नोटरी, दयाराम यादव दस्तावेज लेखाकार, अशोक श्रीवास्तव ने संबधित अधिकारियों से पेड़ों की तारों पर लटके पेड़ की टहनियों की छंटाई कराने की मांग की है।
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मछलीशहर क्षेत्र में बिजली के तार पेड़ों की टहनियों के बीच से गुजरे हैं। प्रतिवर्ष बिजली विभाग द्वारा इनकी कटाई-छंटाईं की जाती हैं। इससे बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो सके, लेकिन चालू वर्ष में नगर समेत ग्रामीण इलाकों में टहनियों की छंटाई नहीं हुई है। नगर के फौजदार इंटर कालेज में भी देखने को मिला, जहां नीम और लिप्टस की टहनियों के बीच से बिजली का तार गुजरा है। सिकरारा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कई गांवों में बिजली के जर्जर तारों से आए दिन फाल्ट आते रहते हैं। कई जगहों पर पेड़ों की डालियां तारों से सटी हैं। हवा चलने पर उनसे चिंगारियां निकलती हैं। इससे तार टूटकर गिर जाते हैं। शेरवा गांव निवासी पंकज सिंह बताया कि इस उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति की दशा बहुत खराब है। जेई ओवरलोडिंग का बहाना बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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जहां-जहां बिजली के तार पेड़ों की डालियों से टकरा रहे हैं या टहनियों से उलझे हुए हैं, उन्हें जल्द ही ठीक किया जाएगा। बारिश में बिजली से संबंधित किसी प्रकार की समस्या न आए, इसका ध्यान दिया जा रहा है। - शुभेंदु शाह, एक्सईएन विद्युत खंड तृतीय