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Jaunpur News: पिता के वियोग में भरत हुए व्याकुल, भजनों के बीच निकली राजा दशरथ की अंतिम यात्रा

Mon, 12 Oct 2026 01:04 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:04 AM IST
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Bharat was heartbroken at his father's departure, King Dashrath's final journey took place amid hymns
शाहगंज में रामलीला का मंचन करते कलाकार
शाहगंज। पिता के निधन का समाचार, पुत्र का विलाप और परिवार में पसरा शोक। ऐतिहासिक रामलीला के पांचवें दिन शनिवार की रात गांधीनगर स्थित कलेक्टरगंज फड़ पर मंचित प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। वृंदावन की आदर्श राशेश्वरी रामलीला मंडली के कलाकारों ने भरत के अयोध्या आगमन से लेकर राजा दशरथ की अंतिम यात्रा और प्रतीकात्मक दाह संस्कार तक की लीला का सजीव मंचन किया। भजन-कीर्तन के बीच निकली अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में रामभक्त शामिल हुए। लीला व्यास योगेश महाराज के निर्देशन में भरत आगमन, भरत-कैकेयी, भरत-कौशल्या और वशिष्ठ-भरत प्रसंगों का मंचन हुआ। अयोध्या लौटने पर भरत को जब पिता राजा दशरथ के निधन और भगवान राम के वनवास की जानकारी मिली तो वह व्याकुल हो उठे। माता कैकेयी के सामने भरत की पीड़ा और नाराजगी को कलाकारों ने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। ‘मां! आपने यह कैसा अनर्थ कर दिया’ संवाद के माध्यम से भरत ने अपने मन की व्यथा व्यक्त की। जिस राजसिंहासन को पाने के लिए भगवान राम को वनवास भेजा गया, उसे भरत ने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने माता के निर्णय पर दुख जताते हुए राम के प्रति अपना प्रेम और समर्पण प्रकट किया। इसके बाद माता कौशल्या के सामने पहुंचे भरत ने अपनी व्यथा सुनाई। मां-बेटे के इस भावुक प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं, वशिष्ठ-भरत प्रसंग में धर्म और कर्तव्य का बोध कराया गया। लीला के माध्यम से संदेश दिया गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी मर्यादा, परिवार और धर्म के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। राजा दशरथ की अंतिम यात्रा रामलीला भवन से सुसज्जित विमान के साथ निकाली गई। भजन मंडली मजीरे की धुन पर ‘सकल तजो, राम जी भजो मोरे भाई’ सहित अन्य भजनों का कीर्तन करती चल रही थी। श्रद्धालु भजन गाते हुए जय श्रीराम का उद्घोष कर रहे थे। यात्रा लोहामंडी, डाकखाना तिराहा, जेसीज चौक, योगी तिराहा, रोडवेज, माल गोदाम मार्ग और श्रीरामपुर रोड से होते हुए गांधीनगर स्थित कलेक्टरगंज के मुख्य मंच पर पहुंची। यहां परंपरा के अनुसार राजा दशरथ का प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया गया। इसके साथ ही पांचवें दिन की लीला संपन्न हो गई। श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने बताया कि रविवार से नगर के पक्का पोखरा स्थित मंच पर दिन की लीला का मंचन शुरू होगा। रात्रिकालीन लीला अगले तीन दिनों तक नई आबादी स्थित मंच पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने आयोजन में शामिल सभी रामभक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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