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Jaunpur News: खाद के लिए दस दिन से चक्कर लगा रहे किसान, लाइन में लगने के बाद भी अधिक दाम पर मिल रहा उर्वरक

Tue, 11 Nov 2025 12:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:56 AM IST
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Farmers have been making rounds for fertilizer for ten days, even after standing in line, they are getting fertilizer at a higher price.
पुलिस की मौजूदगी में बिक रही खाद। संवाद
रबी सीजन किसान डीएपी खाद की कमी से जूझ रहे हैं। गेहूं और सरसों की बोआई प्रभावित हो रही है। खेतों में पलेवा(नमी) सूखने लगा है। जनपद में स्थिति यह है की कहीं डीएपी खाद 29 अगस्त से नहीं आई है तो कहीं दस दिन से किसान चक्कर काट रहे हैं।
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जहां खाद है भी वहां सचिव मनमाने तरीके से खाद की बिक्री कर रहे हैं, जो पड़ताल में सोमवार को सामने आई। गोठाव में बोरी पर निर्धारित मूल्य से 30 रुपये अधिक सचिव लेते नजर आए। यहां खाद लेने के लिए किसान तीन-तीन घंटे कतार में खड़े नजर आए।
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बरसठी : क्षेत्र की गोठाव समिति पर किसानों से 30 रुपये अतिरिक्त वसूला जा रहा हैं। किसान श्रीकांत शुक्ला, सुशील सिंह, प्रदीप,महिंदर और सुरेश ने बताया कि पहले तो उन्हें सदस्यता शुल्क के रूप में 250 रुपये जमा करने पड़े।
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उसके बाद 1380 रुपये में डीएपी खरीद की जा रही हैं। जबकि डीएपी 1350 रुपये ही अंकित है। इस तरह कुल 1630 रुपये देने के बाद भी उन्हें 2 से 3 घंटे लाइन में लगने के बाद डाई प्राप्त हो रही है।
शाहगंज: क्षेत्र की विभिन्न समितियों पर डाई (खाद) न मिलने से किसान परेशान नजर आ रहे हैं। इमरानगंज पीसीएफ समिति के गोदाम प्रभारी अवधेश मिश्रा ने बताया कि बीते 29 अगस्त से डाई की आपूर्ति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही डाई आएगी, किसानों को वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
मीरगंज: मछलीशहर ब्लाक के साधन सहकारी समिति रामपुर खुर्द, रामपुर चौथार, चितांव में दस दिन से डीएपी खाद नहीं है। इसके कारण किसान बाजार से डीएपी खाद महंगे दर पर खरीदने के लिए मजबूर हैं।
सवैया निवासी गुन्नी लाल यादव, अशोक यादव चौधरीपुर निवासी समुद्र यादव का कहना है की साधन सहकारी समिति रामपुर चौथार रामपुर खुर्द व चितांव में 10 दिन से खाद के लिए जा रहे है। जहां बताया जा रहा है कि खाद नहीं है।
साधन सहकारी समिति रामपुर खुर्द के सचिव लालजी यादव ने बताया की 10 दिन से डीएपी नहीं हैं। रामपुर चौथार में एनपीएस खाद मौजूद है। दो दिन में डीएपी खाद आने की संभावना है।
बदलापुर : घनश्यामपुर, गुलरा, तियरा, फत्तूपुर आदि समितियों पर मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं है। एडीओ को ऑपरेटिव नागेंद्र प्रसाद ने बताया कि डीएपी उपलब्ध है, लेकिन किसानों की भीड़ के चलते बांटने में परेशानी हो रही।
सुइथाकलां : साधन सहकारी समिति अर्सिया, शेषपुर, अमारी, सरायमोहिउद्दीनपुर में खाद के लिए किसान परेशान हैं। समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। साधन सहकारी समिति सरायमोहिउद्दीनपुर सचिव अवधेश चंद्र पांडेय ने बताया कि 18 एमटी डीएपी खाद की डिमांड की गई।
उपलब्ध होने पर किसानों को खाद वितरित किया जाएगा। एडीओ एजी मिथलेश सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे से किसानों को बीज वितरण किया जाएगा।


नौ समितियों में सिर्फ फत्तूपुर समिति पर मिली खाद
महराजगंज : महराजगंज के नौ समितियों में सिर्फ फत्तूपुर में सोमवार को वितरण हुआ। साधन सहकारी समिति फत्तूपुर में खाद के लिए सैकड़ों किसान सुबह से ही पहुंच गए। भीड़ ज्यादा देखते हुए सचिव सर्वदेव दूबे पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सहकारी कृषक पंजिका व आधार कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन कर 250 बोरी डीएपी व 200 बोरी एनपीके का वितरण किया। सचिव सर्वदेव दूबे ने बताया कि डीएपी व एनपीके की उपलब्धता जितनी है उतने किसान को दोनों मिलाकर खाद का वितरण किया जा रहा है। सचिव सर्वदेव दूबे ने बताया कि जिन किसानों को खाद नहीं मिली है।एक दो दिन में फत्तूपुर व कोल्हुआ में समिति पर उपलब्ध हो जाएगी।

सहकारिता विभाग का अपना दावा
सहकारिता विभाग का दावा है कि जनपद में डीएपी का लक्ष्य 5754 एमटी (1 लाख 15 हजार 80 बोरी) का था, जिसके सापेक्ष 6520 एमटी यानि 1 लाख 30 हजार 400 बोरी खाद पीएसीएफ को आवंटित की गई है, जो पहले चरण में समितियों को खाद उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा जनपद में 1069 एमटी लक्ष्य एनपीके खाद (21 हजार 380 बोरी का लक्ष्य रखा गया है), जिसके सापेक्ष 3053 एमटी उपलब्ध कराया गया है। 3053 एमटी ( 61 हजार 60 बोरी) का आवंटित की गई है। इसके अलावा एक रैक डीएपी यानी 2600 बोरी डीएपी और मंगाने के आर्डर दिया गया है।



खाद की कोई कमी नहीं हैं। खाद पीसीएफ को उपलब्ध करा दी गई है, जहां से दो-चार दिन में खाद सभी समितियों पर पूरी तरह से उपलब्ध हो जाएगी। एक और रैक की डिमांड की गई है। खाद की बोरी पर निर्धारित मूल्य पर ही बिकनी हैं। किसान चाहे तो समिति पर क्यूआर कोड के भी माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। अधिक मूल्य लेने के मामले की जांच कराई जाएगी। -बृजेश पाठक,एआर को-आपरेटिव


- डाई (खाद) भाड़े के कमरे में रखकर वितरित की जा रही है। इसलिए भाड़े के खर्च के रूप में अतिरिक्त शुल्क लग रहा है। - लाल बहादुर, समिति सचिव, गोठाव
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