{"_id":"65e37966ca9a3e1625073c44","slug":"every-third-person-in-the-district-becomes-victim-of-viral-infection-pain-in-throat-increases-the-problem-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-112868-2024-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: जिले में हर तीसरा व्यक्ति वायरल का शिकार, गले में दर्द ने बढ़ाई समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: जिले में हर तीसरा व्यक्ति वायरल का शिकार, गले में दर्द ने बढ़ाई समस्या
विज्ञापन
जौनपुर। मौसम में बार-बार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण लोगों की सेहत बिगड़ रही है। आलम यह है कि जिले में औसतन हर तीसरा व्यक्ति वायरल का शिकार है। वायरल फीवर में सबसे अधिक परेशानी लोगों को गले में दर्द और खराश से हो रही है। जिला अस्पताल में रोजाना ऐसे करीब 250-300 मरीज इस समस्या से ग्रसित इलाज के लिए आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक ठंडी चीजों से परहेज करें, उबला पानी पीने से ेजल्द आराम मिलेगा।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1139 मरीजों ने इलाज कराया। ज्यादातर मरीजों में खांसी, बुखार और गले में खराश और दर्द की शिकायत मिली। सुबह से अस्पताल में पर्ची कटाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। ओपीडी के बाहर मरीज डाॅक्टर को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। डाक्टर का कहना है कि गले का संक्रमण वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो रहा है। मौसम में हो रहे बदलाव से तमाम तरह की संक्रमण बीमारियां बढ़ जाती हैं। चाहे जुकाम बुखार हो या फिर गले में इन्फेक्शन की परेशानी। वातावरण में आर्द्रता बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और वायरस बढ़ने लगते हैं। हर सौ मरीज में से 35 से 40 लोग खांसी-बुखार और गले में खराश और दर्द की समस्या से परेशान हैं।
ठंडी चीजों से करें परहेज
जिला अस्पताल फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि गले में इंफेक्शन का कारण मौसम में उतार-चढ़ाव है। ऐसे में ठंडी चीजों से परहेज करने की जरूरत है। गर्मी के कारण लोग ठंडी चीजों का सेवन कर रहे हैं। इस कारण इंफेक्शन बढ़ जा रहा है।
विज्ञापन
बीते एक महीने में 500 से अधिक मरीजों को हुई परेशानी
जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते एक महीने में 500 से अधिक मरीज गले में दर्द और खराश की समस्या से परेशान मिले। ऐसे मरीजों को एंटी एलर्जी की दवाएं सर्वाधिक दी गईं। चिकित्सकों की मानें तो वायरल फीवर होने पर मरीज को कम से कम तीन दिन और अधिकतम एक हफ्ते ठीक होने में लग रहे हैं।
मौसम में बदलाव से संक्रामक बीमारियां बढ़ गई हैं। वायरल के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मरीजों को एंटी एलर्जी दवा के साथ ही परहेज करने को कहा जा रहा है। -डाॅ. केके राय, सीएमस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1139 मरीजों ने इलाज कराया। ज्यादातर मरीजों में खांसी, बुखार और गले में खराश और दर्द की शिकायत मिली। सुबह से अस्पताल में पर्ची कटाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। ओपीडी के बाहर मरीज डाॅक्टर को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। डाक्टर का कहना है कि गले का संक्रमण वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो रहा है। मौसम में हो रहे बदलाव से तमाम तरह की संक्रमण बीमारियां बढ़ जाती हैं। चाहे जुकाम बुखार हो या फिर गले में इन्फेक्शन की परेशानी। वातावरण में आर्द्रता बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और वायरस बढ़ने लगते हैं। हर सौ मरीज में से 35 से 40 लोग खांसी-बुखार और गले में खराश और दर्द की समस्या से परेशान हैं।
विज्ञापन
ठंडी चीजों से करें परहेज
जिला अस्पताल फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि गले में इंफेक्शन का कारण मौसम में उतार-चढ़ाव है। ऐसे में ठंडी चीजों से परहेज करने की जरूरत है। गर्मी के कारण लोग ठंडी चीजों का सेवन कर रहे हैं। इस कारण इंफेक्शन बढ़ जा रहा है।
विज्ञापन
बीते एक महीने में 500 से अधिक मरीजों को हुई परेशानी
जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते एक महीने में 500 से अधिक मरीज गले में दर्द और खराश की समस्या से परेशान मिले। ऐसे मरीजों को एंटी एलर्जी की दवाएं सर्वाधिक दी गईं। चिकित्सकों की मानें तो वायरल फीवर होने पर मरीज को कम से कम तीन दिन और अधिकतम एक हफ्ते ठीक होने में लग रहे हैं।
मौसम में बदलाव से संक्रामक बीमारियां बढ़ गई हैं। वायरल के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मरीजों को एंटी एलर्जी दवा के साथ ही परहेज करने को कहा जा रहा है। -डाॅ. केके राय, सीएमस, जिला अस्पताल