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Jaunpur News: वन-वे लागू होने के बाद भी चहारसू से ओलंदगंज तक लगता है जाम

Tue, 09 Dec 2025 01:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:16 AM IST
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Even after the implementation of one-way, there is traffic jam from Chaharsu to Olandganj.
नगर का ओलंदगंज तिराहा, जहां आए दिन लगता है जाम। संवाद
जौनपुर। नगर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन की ओर से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वन-वे लागू किया गया। इसके बावजूद चहारसू से ओलंदगंज तक एक किमी के दायरे में हर आधे एवं एक घंटे पर जाम लगता है। एक किमी के दायरे में तीन मुख्य जगह हैं जहां जाम लगता है। शहर के चहारसू चौराहा से, सद्भावना तिराहा और ओलंदगंज जैसे महत्वपूर्ण बाजार क्षेत्रों में जाम की समस्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि कार्यालय और स्कूल के समय लोगों को आधा घंटा या उससे अधिक समय जाम में फंसे रहना पड़ता है। इससे न केवल आम जनमानस परेशान है, बल्कि वाहन चालक, व्यापारी और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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नगर में नौ स्थानों पर वन-वे लागू किया गया है। इसके तहत चहारसू चौराहा से, सद्भावना तिराहा होते हुए ओलंदगंज तिराहा, बड़ी मस्जिद से चांद मेडिकल, ओलंदगंज से बदलापुर पड़ाव पर वन वे लागू है। वहीं पॉलिटेक्निक चौराहे से जाने वाले लोग ओलंदगंज से शाही पुल, चहारसू चौराहा होते हुए कोतवाली तक जाते हैं। इन जगहों पर ठीक ढंग से पालन न होने के कारण जाम अधिक लगता है। इसके बावजूद वन वे का पालन नहीं किया जा रहा है। कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए उल्टी दिशा से वाहन चलाते हैं, इससे सड़क पर अव्यवस्था फैल जाती है। इसके अतिरिक्त सड़कों पर जगह-जगह अवैध पार्किंग भी जाम का कारण है। दुकानों के बाहर वाहन खड़े होने से सड़क संकरी हो जाती है। थोड़ी भी भीड़ बढ़ने पर यातायात ठप हो जाता है। विशेषकर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस कार्यालय और बाजार दोनों के कारण भीड़ अधिक रहती है, जिसके चलते ट्रैफिक का दबाव स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। यदि प्रशासन समय रहते कठोर और टिकाऊ कदम नहीं उठाता है, तो आने वाले समय में स्थिति और भी विकट हो सकती है।
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सड़क पर ठेला चालक भी बन रहे जाम का कारण
यातायात पुलिस की तरफ से समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाए जाने के बावजूद ठेला चालकों की मनमानी से जाम लग रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से सख्त और निरंतर कार्रवाई न होने से नियमों का पालन नहीं किया जाता। वहीं कोतवाली और ओलंदगंज में सड़क किनारे लगने वाला ठेला व अव्यवस्थित दुकानें भी जाम को बढ़ने का अहम कारण हैं। कई बार प्रशासन की ओर से इन्हें हटाया भी जाता है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर से वैसी ही हो जाती है।
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नियमित निगरानी न होने से सड़कों पर कर रहे अतिक्रमण :-
केवल वन-वे व्यवस्था लागू कर देने से समस्या का हल नहीं होगा। इसके लिए जरूरत है नियमित निगरानी, यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती और लोगों में जागरूकता बढ़ाने की। साथ ही, मुख्य बाजारों में वैकल्पिक पार्किंग स्थलों का निर्माण, अवैध पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई और फुटपाथों का अतिक्रमण-मुक्त होना भी जरूरी है।
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स्कूल की छुट्टी होने पर दो घंटे तक लगता है जाम :
नगर में जाम की समस्या तब विकराल रूप हो जाती है जब स्कूल के छूटने का समय होता है। इस दौरान स्कूल की छोटी व बड़ी बसें शहर के विभिन्न मार्गो से होकर गुजरती हैं। ऐसे में करीब 1.30 से 3.30 बजे तक जाम लग जाता है।

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वर्जन ...
शहर में नौ स्थानों पर वन-वे सिस्टम लागू किया गया है। इसमें से जिन प्रमुख स्थानों पर जाम लगता है उसका कारण वहां पर दुकानदारों की तरफ से अतिक्रमण करना व सड़क का चौड़ीकरण न होना है। इसके लिए प्रशासन के साथ अभियान चलाया जाएगा। उसके बाद ही जाम से कुछ हद तक राहत मिल सकेगी।
-सुशील मिश्र, टीएसआई।
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