मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक में दक्ष बनाने के लिए सोमवार से पांच दिवसीय स्वयान बूटकैंप शुरू हुआ। सी-डैक नोएडा के सहयोग से 12 से 16 अक्तूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानव रहित विमान प्रणाली (यूएएस) और सेंसर के विभिन्न अनुप्रयोगों व ड्रोन बनाने और उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण में उत्साह और मनोयोग के साथ भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस बूटकैंप के माध्यम से विद्यार्थी ड्रोन तकनीक की बारीकियों को समझ सकेंगे और इस क्षेत्र में अपनी दक्षता विकसित कर पाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में विश्वविद्यालय परिसर में एक साथ दस ड्रोन उड़ाए जा सकेंगे। जौनपुर प्रीमियर लीग जैसे खेल आयोजनों का ड्रोन के माध्यम से व्यापक कवरेज भी किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के समापन पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें सफल विद्यार्थियों को ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा। सी-डैक नोएडा की साइंटिस्ट एफ डॉ. कल्पना जौहरी ने ड्रोन की कार्यप्रणाली और उड़ान के दौरान ऊर्जा की खपत कम करने के तकनीकी उपायों की जानकारी दी। बताया कि ड्रोन की स्थिर उड़ान, दिशा नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने में सेंसर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
सही उड़ान योजना, सेंसर के प्रभावी उपयोग और ऊर्जा-कुशल तकनीकों से ड्रोन की उड़ान अवधि बढ़ाई जा सकती है। डॉ. ज्योति पी सिंह ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर में अनुशासन, नियमित अभ्यास और व्यावहारिक कौशल पर विशेष जोर दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों को तकनीक को समझने और उसे वास्तविक परिस्थितियों में इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में डॉ. पारुल त्रिवेदी, डॉ. दिवेंदु मिश्रा, सुधीर सिंह, पूनम सोनकर, डॉ. रीतेश बरनवाल, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. शैलेश प्रजापति, डॉ. संतोष कुमार त्रिपाठी, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. नवीन चौरसिया मौजूद रहे।