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कार्य से विरत रहे वकील, प्रदर्शन
जौनपुर
Updated Fri, 02 Oct 2015 01:04 AM IST
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शाहगंज थाना क्षेत्र के समधीपुर गांव में अधिवक्ता जितेंद्र यादव की हुई नृशंस हत्या के विरोध में तीसरे दिन गुरुवार को भी दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर नारेबाजी व प्रदर्शन कर विरोध दिवस मनाया।
बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने भी जौनपुर पहुंचकर आंदोलन में हिस्सा लिया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और न्याय दिलाने की खातिर हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके पहले अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिलकर मामले मे त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच व आरोपियों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। राज्य सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा और किसी एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
अधिवक्ता संघ ने इस बात पर भी आक्रोश जताया कि छोटी घटना में भी जनप्रतिनिधि पीड़ित के घर पहुंच जाते हैं लेकिन अधिवक्ता की नृशंस हत्या और उनकी पत्नी व बहन अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं फिर भी कोई भी जनप्रतिनिधि न तो अस्पताल गया और न ही उनके घर जाकर परिजनों को ढांढस बधाने की जहमत उठाई। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जो भी संभव होगा मदद की जाएगी।
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प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह, मंत्री जय प्रकाश सिंह, तेज बहादुर सिंह, डीपी सिंह, आरपी सिंह, अवधेश सिंह, रमेश चंद्र पाल, ब्रजनाथ पाठक आदि मौजूद थे।
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बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने भी जौनपुर पहुंचकर आंदोलन में हिस्सा लिया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और न्याय दिलाने की खातिर हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके पहले अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिलकर मामले मे त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच व आरोपियों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। राज्य सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा और किसी एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
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अधिवक्ता संघ ने इस बात पर भी आक्रोश जताया कि छोटी घटना में भी जनप्रतिनिधि पीड़ित के घर पहुंच जाते हैं लेकिन अधिवक्ता की नृशंस हत्या और उनकी पत्नी व बहन अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं फिर भी कोई भी जनप्रतिनिधि न तो अस्पताल गया और न ही उनके घर जाकर परिजनों को ढांढस बधाने की जहमत उठाई। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जो भी संभव होगा मदद की जाएगी।
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प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह, मंत्री जय प्रकाश सिंह, तेज बहादुर सिंह, डीपी सिंह, आरपी सिंह, अवधेश सिंह, रमेश चंद्र पाल, ब्रजनाथ पाठक आदि मौजूद थे।