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कृषि सुधार विधेयक को समाप्त करने की मांग

Sat, 05 Dec 2020 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Dec 2020 12:23 AM IST
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Demand to end agricultural reform bill
किसान विरोध बिल के विरोध में कलेक्ट्रेट में एडीएम वित्त एंव राजस्व को पत्रक सौंपने पंहुचे कांग्? - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर/मड़ियाहूं। किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस सेवा दल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक डीएम को सौंप कर प्रदर्शन किया। कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने की मांग की। उधर, मड़ियाहूं तहसील में भाकियू ने धरना दिया।
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वक्ताओं ने कहा कि कृषि सुधार विधेयक का कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है। इस मामले में वह किसानों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। किसान कृषि सुधार कानून की वापसी के लिए संघर्ष कर रहा है। केंद्र सरकार ने किसानों के साथ छल किया है। किसानों की मांग लोकतांत्रिक व देश हित में हैं। इस कानून को पूंजीपतियों और उद्योपतियों के हितों के लिए पारित किया गया है। पत्रक देने वालों में विपिन यादव, परमजीत पाल, शौलेंद्र सिंह, सतीश यादव, डॉ. आरसी पांडेय आदि रहे। उधर, मड़ियाहूं तहसील में धरना देते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने कृषि विधेयक को समाप्त करने और दिल्ली में हो रहे किसानों के उत्पीड़न को बंद करने की मांग की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि दिल्ली में किसानों पर हो रहे उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को खेती के लिए डीजल पर 50 फीसदी छूट देने, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एमएसपी लागू करने, किसान विरोधी बिल वापस करने की मांग की।
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किसानों के समर्थन में स्टूडेंट फेडरेशन ने किया प्रदर्शन
मछलीशहर। आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन एवं आल इंडिया यूथ फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया है। शुक्रवार को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अंजनी कुमार सिंह को सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों का आंदोलन दिल्ली में गंभीर रूप धारण कर चुका है। सरकार मंडी समितियों को सरकारी नियंत्रण में रखे, आवश्यक खाद्य वस्तु अधिनियम को यथावत रखे, स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को लागू करे, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्रों में लागू किया जाए, कार्पोरेट जगत में कांट्रेक्ट खेती कानून रद्द किया जाए। यदि सरकार किसान विरोधी कानून वापस नहीं लेती है तो पूरे देश के नौजवान, विद्यार्थी, मेहनत कश मजदूर किसान, ट्रांसपोर्टर, कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष कुमार पटेल व संचालन संदीप कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर आशीष पटेल, नागेंद्र यादव, राहुल पाल, योगेंद्र गुप्ता आदि ने विचार व्यक्त किया।
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