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फिर हाथी पर सवार हुए दीपचंद
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:54 PM IST
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भाजपा के अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश प्रभारी रहे दीपचंद्र राम आखिरकार केसरिया चोला उतारकर बुधवार को फिर हाथी पर सवार हो गए। शिया इंटर कालेज के मैदान में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर व सांसद मुनकाद अली ने दीपचंद्र राम, उनके पिता पूर्व विधायक बिरजू राम और उनके समर्थकों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई।
2012 के विधानसभा चुनाव में केराकत सीट से पूर्व विधायक बिरजू राम का बसपा ने टिकट काट दिया था। इससे क्षुब्ध होकर बिरजू राम और सहायक आयुक्त के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आए उनके बेटे दीपचंद्र राम ने बसपा से नाता तोड़ लिया था। पिता पुत्र दोनों ने बसपा से बगावत कर 2012 में निर्दल चुनाव भी लड़ा था। पूर्व विधायक बिरजू राम केराकत से तो उनके बेटे दीपचंद्र राम ने जफराबाद विधानसभा से चुनाव लड़ा था। दीपचंद्र राम को जितने मत मिले थे उतने से ही बसपा के जगदीश नारायण राय चुनाव हार गए थे। बाद में दीपचंद्र राम भाजपा में शामिल हुए, पार्टी ने उन्हें अनुसूचित मोर्चा का प्रदेश प्रभारी बनाया था।
इधर गुजरात में दलितों की पिर्टाई का मामला सामने आया तो उस घटना को लेकर उन्होंने पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। तभी से कयास लगाया जा रहा था कि दीपचंद्र राम फिर बसपा का दामन थाम सकते हैं। शिया इंटर कालेज में आयोजित समारोह में जोनल कोआर्डिनेटर व बसपा के सांसद मुनकाद अली ने दीपचंद्र राम, उनके पिता बिरजू राम और समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। यहां दीपचंद्र ने कहा कि बहन मायावती साक्षात देवी हैं और देवी का अपमान हमारा समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता। समारोह में डा. लक्ष्मीकांत, शोभनाथ चौधरी, पारसनाथ पासी, वीपी सरोज, नगरपालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, पूर्व एमएलसी वीरेंदर चौहान, विवेक यादव आदि मौजूद रहे।
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2012 के विधानसभा चुनाव में केराकत सीट से पूर्व विधायक बिरजू राम का बसपा ने टिकट काट दिया था। इससे क्षुब्ध होकर बिरजू राम और सहायक आयुक्त के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आए उनके बेटे दीपचंद्र राम ने बसपा से नाता तोड़ लिया था। पिता पुत्र दोनों ने बसपा से बगावत कर 2012 में निर्दल चुनाव भी लड़ा था। पूर्व विधायक बिरजू राम केराकत से तो उनके बेटे दीपचंद्र राम ने जफराबाद विधानसभा से चुनाव लड़ा था। दीपचंद्र राम को जितने मत मिले थे उतने से ही बसपा के जगदीश नारायण राय चुनाव हार गए थे। बाद में दीपचंद्र राम भाजपा में शामिल हुए, पार्टी ने उन्हें अनुसूचित मोर्चा का प्रदेश प्रभारी बनाया था।
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इधर गुजरात में दलितों की पिर्टाई का मामला सामने आया तो उस घटना को लेकर उन्होंने पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। तभी से कयास लगाया जा रहा था कि दीपचंद्र राम फिर बसपा का दामन थाम सकते हैं। शिया इंटर कालेज में आयोजित समारोह में जोनल कोआर्डिनेटर व बसपा के सांसद मुनकाद अली ने दीपचंद्र राम, उनके पिता बिरजू राम और समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। यहां दीपचंद्र ने कहा कि बहन मायावती साक्षात देवी हैं और देवी का अपमान हमारा समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता। समारोह में डा. लक्ष्मीकांत, शोभनाथ चौधरी, पारसनाथ पासी, वीपी सरोज, नगरपालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, पूर्व एमएलसी वीरेंदर चौहान, विवेक यादव आदि मौजूद रहे।
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