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Jaunpur News: साढ़े 14 हजार के खाते में नहीं पहुंची डीबीटी, बगैर ड्रेस स्कूल जा रहे छात्र

Sat, 02 Aug 2025 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:54 PM IST
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DBT did not reach the account of 14.5 thousand, students are going to school without uniform
डोभी खास प्राथमिक विद्यालय में बिना ड्रेस के पहुंचे छात्र। - फोटो : संवाद
जौनपुर। प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 3.25 लाख विद्यार्थियों में से 14500 के अभिभावकों के खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की धनराशि नहीं पहुंच पाई है। इससे विद्यार्थियों को ड्रेस के बगैर स्कूल जाना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग हर बार कोई न कोई बहाना बताकर बजट न जाने की बात कह रहा है। इसके चलते छात्रों के अभिभावकों को विद्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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जिले के 2708 परिषदीय विद्यालयों में करीब 3.25 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से 11200 ऐसे विद्यार्थी हैं जिनका अभी तक जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पाया है। जन्म प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण इन छात्रों का अभी तक आधार कार्ड नहीं बन पाया है। आधार नहीं बनने के कारण इनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसमें से कुछ छात्र ऐसे भी हैं जिनके अभिभावक का आधार कार्ड मिलान नहीं कर रहा है। इसके चलते उनके खाते में धन भेजने में दिक्कत आ रही है। किसी अभिभावक का नाम गलत हो गया है तो किसी का पता गलत अंकित हो गया है। जिला प्रशासन के निर्देश के बाद भी छात्रों का जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। जन्म प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण दो से तीन महीने प्रमाणपत्र बनने में लग जा रहे हैं। इसमें 11200 छात्रों का जन्म प्रमाणपत्र नहीं बना है। करीब 3300 छात्र ऐसे हैं जिनका आधार उनके अभिभावकों से मैच नहीं कर रहा है। कुल करीब 14500 छात्र डीबीटी के लाभ से वंचित हैं। इससे बच्चों के बैग, ड्रेस, जूते-मोजे आदि की खरीदारी करने में दिक्कत आ रही है। पड़ताल के दौरान यह तथ्य सामने आया कि डोभी खास प्राथमिक विद्यालय में बिना ड्रेस के छात्र स्कूल पढ़ने जा रहे हैं। सिकरारा के कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमाबाद, प्राथमिक विद्यालय सीठापुर, कंपोजिट विद्यालय डिहजनियां, प्राथमिक विद्यालय हसनपुर, प्राथमिक विद्यालय पोखरियापुर, प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर, प्राथमिक विद्यालय बेलसरी, प्राथमिक विद्यालय ककोहिया, प्राथमिक विद्यालय बनसफा में छात्र बगैर ड्रेस के पहुंच रहे हैं। मछलीशहर के कंपोजिट विद्यालय कठार, कंपोजिट विद्यालय छाछो, कंपोजिट विद्यालय जमालपुर, मड़ियाहूं में कंपोजिट विद्यालय मेंहदी, प्राथमिक विद्यालय रैय्या, प्राथमिक विद्यालय टेकारी, कंपोजिट विद्यालय सुरतासापुर आदि विद्यालयों में काफी संख्या में छात्र बगैर ड्रेस के पहुंच रहे हैं।
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शासन स्तर से हर साल 1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिया जाता है। यह धनराशि दो सेट यूनिफार्म खरीदने के लिए दी जाती है। एक बैग सेट, दो जोड़ी मोजे, एक जोड़ी जूते, एक स्वेटर दिया जाता है। साथ ही 100 रुपये का कॉपी, पेंसिल, रबर, कटर आदि के लिए धनराशि दी जाती है। प्रधानाध्यापक डीबीटी एप के माध्यम से शिक्षकों द्वारा छात्रों व अभिभावकों का आधार सत्यापन किया जाता है। जिनका सत्यापन हो जाता है उनको सीधे शासन स्तर खाते में धनराशि भेजी जाती है। इस सत्र में अभी तक एक बार धनराशि अप्रैल में भेजी जा चुकी है। काफी संख्या में छात्रों का सत्यापन होने के बाद भी शासन से धनराशि नहीं मिली है। बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल का कहना है कि जिन छात्रों का जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पाया है, उनका प्रमाणपत्र बनाया जा रहा है। जिन छात्रों के अभिभावकों का आधार मैच नहीं कर रहा है, उसे ठीक कराकर जल्दी ही खाते में डीबीटी की राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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