खेतासराय। स्थानीय थाना क्षेत्र के चौकिया गुरैनी गांव में गुरुवार की रात असलहों से लैस नकाबपोश और पुलिस बनकर पहुंचे डकैतों ने एक घर का दरवाजा तोड़कर महिला व उसकी बेटियों को आतंकित कर 25 हजार नकद और तीन लाख से अधिक का जेवरात लूटे और सबको कमरे में बंद कर फरार हो गए। शुक्रवार को सुबह सूचना सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन और मामले को संदिग्ध बताया।
सुमबुलपुरगांव निवासी अबू बकर खाड़ी देश में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी आमिना बेगम अपने मायके गुरैनी में आबादी से दूर मकान बनवाकर दो बेटियों व दो बेटों के साथ रहती हैं। बड़ा बेटा अबू सहमा का वाराणसी के कि सी अस्पताल में इलाज चल रहा है। आमिना रात में अपनी दो बेटियों व बेटा माजिद के साथ घर पर थीं। रात में करीब एक बजे नकाबपोश बदमाश ने अपने को पुलिस बताया और आमिना से दरवाजा खोलने को कहा। उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो छह की संख्या में बदमाश दरवाजा तोड़ कर घर के अंदर घुस आए। कुछ बदमाश घर के बाहर खड़े थे । घर में घुसने के बाद बदमाशों ने परिवार वालों को तमंचा सटाकर चुप रहने को विवश कर दिया। फिर आलमारी व बाक्स तोड़कर उसमें रखे सोने चांदी के जेवर व अन्य कीमती सामान समेट लिया। पीड़िता के अनुसार बदमाश ने उससे नगद पैसे के बारे पूछने लगे। इनकार करने पर बदमाशों ने उसके बेटे माजिद को कब्जे में ले लिए। उसे जान से मारने की धमकी देने लगे । आमिना ने अस्पताल में भर्ती बड़े बेटे के इलाज के लिए रखे 25 हजार रुपये भी बदमाशों को दे दिया। इस दौरान बदमाशों ने महिला के कान से उसकी सोने की बाली भी उतरवा ली। आमिना के मुताबिक 25 हजार नकदी के अलावा सोने की चार अंगूठी, चार का झाला, चार कंगन, एक जोड़ी झुमका, नथिया और चांदी का एक जोड़ी पायल समेत तीन लाख से अधिक का जेवरात लूट ले गए। लूटपाट के बाद जाते वक्त बदमाशो ने घर के बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। सुबह छत पर चढ़कर आमिना ने शोर मचाया तो गांव के लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने बाहर से दरवाजा खोला। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने डकैती की घटना को फर्जी करार देते हुए कहा कि आमिना अपने बेटे को लेकर वाराणसी अस्पताल में थी। घर पर किसी के न होने पर सुबह जब वह घर वापस पहुंची तो दरवाजा टूटा देख उसने लूट की मनगढ़ंत कहानी बना डाली है। तहरीर मिली है छानबीन की जा रही है।