{"_id":"67c0ad1d61853cdb460cf810","slug":"currency-of-rs-10-missing-from-banks-in-lagan-a-bundle-of-rs-1400-in-black-in-the-market-jaunpur-news-c-193-1-jon1001-130442-2025-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: लगन में बैंकों से 10 की करेंसी गायब, बाजार में ब्लैक में 1400 की एक गड्डी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: लगन में बैंकों से 10 की करेंसी गायब, बाजार में ब्लैक में 1400 की एक गड्डी
विज्ञापन
जौनपुर। शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। ऐसे में लोगों को नेग के लिए नए नोटों की जरूरत पड़ रही है। ग्राहकों ने बैंक से 10 की करेंसी मांगी तो उन्हें उपलब्ध नहीं हुई। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बाजार में 10 की गड्डी 1000 की जगह 1200 से 1400 रुपये में मिल रही है। लोगों को मजबूरी में बाजार से अधिक दाम पर करेंसी खरीदनी पड़ पड़ रही है। लोगों को शादियों में नोटों की माला बनाने, हवा में पैसा उड़ाने, अन्य लोगों को शगुन देने सहित अन्य काम के लिए जरूरत पड़ती है। लेकिन उन्हें बैंक से नए नोट नहीं मिल पा रहे हैं।
वहीं बाजार में नये नोटों की गड्डी लोग पूजा सामग्री, फूल बेचने वाले, राशन की दुकान, दवा की दुकान, नोट बदले जाने वाली दुकानों पर किसी भी समय जाकर ले सकते हैं। ये दुकानदार खुलेआम आपसे ज्यादा पैसा लेकर आपको नये नोटों की गड्डी दे रहे हैं। जिन घरों में शादी पड़ी है, उन्हें मजबूरी में ही अधिक पैसे देकर नए नोट खरीदने पड़ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अधिक पैसा नहीं देंगे तो आपको नोट नहीं मिलेगी। जबकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार नोटों को उतने ही पैसे पर खर्च किया जा सकता है, जितना उस पर लिखा होता है।
अगर दस रुपये लिखा है तो उसके लिए दस रुपये ही देना होता है। साथ ही एक निर्धारित खाता धारक और आम व्यक्ति को नियम के अनुसार ही कुछ गड्डी उपलब्ध कराई जा सकती है, लेकिन जिले में आम दुकानदारों के पास जाकर जितना भी पैसा चाहे ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं बाजार में नये नोटों की गड्डी लोग पूजा सामग्री, फूल बेचने वाले, राशन की दुकान, दवा की दुकान, नोट बदले जाने वाली दुकानों पर किसी भी समय जाकर ले सकते हैं। ये दुकानदार खुलेआम आपसे ज्यादा पैसा लेकर आपको नये नोटों की गड्डी दे रहे हैं। जिन घरों में शादी पड़ी है, उन्हें मजबूरी में ही अधिक पैसे देकर नए नोट खरीदने पड़ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अधिक पैसा नहीं देंगे तो आपको नोट नहीं मिलेगी। जबकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार नोटों को उतने ही पैसे पर खर्च किया जा सकता है, जितना उस पर लिखा होता है।
विज्ञापन
अगर दस रुपये लिखा है तो उसके लिए दस रुपये ही देना होता है। साथ ही एक निर्धारित खाता धारक और आम व्यक्ति को नियम के अनुसार ही कुछ गड्डी उपलब्ध कराई जा सकती है, लेकिन जिले में आम दुकानदारों के पास जाकर जितना भी पैसा चाहे ले सकते हैं।
विज्ञापन