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यहां तो संसाधनों का रोना, फिर कैसे रोकेंगे कोरोना
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जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के सफाई करता सफाई कर्मचारी।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। कोरोना का संक्रमण कभी भी तीसरे स्टेज में पहुंच सकता है। इसके मद्देनजर शासन कमर कसे हुए है। सतर्कता बरतने के लिए रोज नए-नए निर्देश जारी हो रहे हैं, मगर विडंबना है कि संसाधन उपलब्ध कराने पर कोई ध्यान नहीं है। जिले का स्वास्थ्य विभाग अब तक संसाधनों का ही रोना रो रहा है। उसके पास न कोई वेंटीलेटर है और न ही पर्याप्त मास्क और सैनिटाइजर। संसाधनों का यह रोना तब है, जब जिले के जनप्रतिनिधियों ने इन इंतजामों के लिए अपनी निधि से बजट देने में कोताही नहीं बरती है। ऐसे हाल में विभाग कोरोना का संक्रमण कैसे रोकेगा, समझ से परे है।
अभी तक जिले में कोरोना के 51 संदिग्ध सामने आए हैं, जिनका सैंपल लेकर जांच के लिए बीएचयू भेजा गया था। इसमें 35 लोगों की रिपोर्ट आ चुकी है। एक रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, जबकि 34 निगेटिव। 16 की रिपोर्ट आने का इंतजार है। इनके सैंपल दो दिन पहले भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की दलील है कि शासन से मास्क, सैनिटाइजर और दवाओं के लिए मांग की गई, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग शायद संक्रमण बढ़ने का इंतजार कर रहा है। विभाग के पास अब तक न वेंटीलेटर की सुविधा और न ही मास्क, सैनिटाइजर की। जांच के लिए सिर्फ थर्मल स्कैनर है। यह भी सभी केंद्रों पर उपलब्ध नहीं है। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पर नजर डाला जाए तो अभी तक संक्रमित लोगों को भर्ती करने के लिए केवल बेड का इंतजाम किया गया है।
थर्मल स्कैनर की बैटरी डिस्चार्ज
बदलापुर। कोरोना वायरस जैसी महामारी से निबटने के लिए मुहैया कराई गई थर्मल स्कैनर की बैट्री खत्म हो जाने से जांच नहीं हो पा रही है। मंगलवार को बैट्री डिस्चार्ज हो गई है। इसे लेकर सीएचसी चिकित्सक परेशान हैं। अधीक्षक डॉ. संजय दुबे ने बताया कि बैट्री लेने के लिए कर्मचारी आशुतोष को जिला मुख्यालय भेजा गया था लेकिन बैट्री नहीं मिली।
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सीएचसी पर नहीं है जांच की सुुविधा
गौराबादशाहपुर। ग्रामोदय इंटर कॉलेज में क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। इसकी देखभाल सीएचसी चोरसंड के चिकित्सक कर रहे हैं। यहां 14 लोग भर्ती किए गए हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि अस्पताल में कोरोना किट और थर्मल स्कैनर नहीं है। इसकी वजह से लोगों को सलाह के साथ दवा का वितरण कर छोड़ दिया जा रहा है। बाहर से आ रहे लोगों की जांच के लिए लगाए गए चिकित्सक और कर्मचारी लोगों को पैरासिटामाल की गोली खाने और गर्म पानी पीने की हिदायत देकर छोड़ दे रहे हैं। इसे लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।
जिला अस्पताल में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड
जौनपुर। संसाधनों के नाम पर विभाग के पास जिला अस्पताल में 10-10 बेड के दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। इन्हीं में मरीजों और संदिग्धों को रखा जा रहा है। इसके अलावा 12 बेड का एक अन्य वार्ड मरीजों की देखभाल करने वाले चिकित्सकीय टीम के लिए है। सीएमएस डॉ. एके शर्मा के मुताबिक वेंटीलेटर के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
यह है इंतजाम...
लैब: जिले में उपलब्ध नहीं।
थर्मल स्कैनर: 14
एल-1 हास्पिटल: एक
बेड की संख्या: 35
इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन के लिए: 3 सीएचसी
बेड की संख्या: 90
वेंटीलेटर की संख्या: शून्य
मास्क व सैनिटाइजर: उपलब्ध नहीं।
शासन के निर्देश पर कोरोना से बचाव के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। अस्पतालों को चिह्नित कर संक्रमित लोगों को भर्ती करने के लिए बेड तैयार कर लिया गया है। 90 वेड का क्वारंटीन वार्ड तैयार किया गया है। नेहरू नगर सीएचसी पर आठ संदिग्ध लोगों को भर्ती किया गया है। मास्क, सैनिटाइजर और दवाओं के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। - डॉ. रामजी पांडेय, सीएमओ जौनपुर।
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अभी तक जिले में कोरोना के 51 संदिग्ध सामने आए हैं, जिनका सैंपल लेकर जांच के लिए बीएचयू भेजा गया था। इसमें 35 लोगों की रिपोर्ट आ चुकी है। एक रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, जबकि 34 निगेटिव। 16 की रिपोर्ट आने का इंतजार है। इनके सैंपल दो दिन पहले भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की दलील है कि शासन से मास्क, सैनिटाइजर और दवाओं के लिए मांग की गई, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग शायद संक्रमण बढ़ने का इंतजार कर रहा है। विभाग के पास अब तक न वेंटीलेटर की सुविधा और न ही मास्क, सैनिटाइजर की। जांच के लिए सिर्फ थर्मल स्कैनर है। यह भी सभी केंद्रों पर उपलब्ध नहीं है। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पर नजर डाला जाए तो अभी तक संक्रमित लोगों को भर्ती करने के लिए केवल बेड का इंतजाम किया गया है।
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थर्मल स्कैनर की बैटरी डिस्चार्ज
बदलापुर। कोरोना वायरस जैसी महामारी से निबटने के लिए मुहैया कराई गई थर्मल स्कैनर की बैट्री खत्म हो जाने से जांच नहीं हो पा रही है। मंगलवार को बैट्री डिस्चार्ज हो गई है। इसे लेकर सीएचसी चिकित्सक परेशान हैं। अधीक्षक डॉ. संजय दुबे ने बताया कि बैट्री लेने के लिए कर्मचारी आशुतोष को जिला मुख्यालय भेजा गया था लेकिन बैट्री नहीं मिली।
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सीएचसी पर नहीं है जांच की सुुविधा
गौराबादशाहपुर। ग्रामोदय इंटर कॉलेज में क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। इसकी देखभाल सीएचसी चोरसंड के चिकित्सक कर रहे हैं। यहां 14 लोग भर्ती किए गए हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि अस्पताल में कोरोना किट और थर्मल स्कैनर नहीं है। इसकी वजह से लोगों को सलाह के साथ दवा का वितरण कर छोड़ दिया जा रहा है। बाहर से आ रहे लोगों की जांच के लिए लगाए गए चिकित्सक और कर्मचारी लोगों को पैरासिटामाल की गोली खाने और गर्म पानी पीने की हिदायत देकर छोड़ दे रहे हैं। इसे लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।
जिला अस्पताल में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड
जौनपुर। संसाधनों के नाम पर विभाग के पास जिला अस्पताल में 10-10 बेड के दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। इन्हीं में मरीजों और संदिग्धों को रखा जा रहा है। इसके अलावा 12 बेड का एक अन्य वार्ड मरीजों की देखभाल करने वाले चिकित्सकीय टीम के लिए है। सीएमएस डॉ. एके शर्मा के मुताबिक वेंटीलेटर के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
यह है इंतजाम...
लैब: जिले में उपलब्ध नहीं।
थर्मल स्कैनर: 14
एल-1 हास्पिटल: एक
बेड की संख्या: 35
इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन के लिए: 3 सीएचसी
बेड की संख्या: 90
वेंटीलेटर की संख्या: शून्य
मास्क व सैनिटाइजर: उपलब्ध नहीं।
शासन के निर्देश पर कोरोना से बचाव के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। अस्पतालों को चिह्नित कर संक्रमित लोगों को भर्ती करने के लिए बेड तैयार कर लिया गया है। 90 वेड का क्वारंटीन वार्ड तैयार किया गया है। नेहरू नगर सीएचसी पर आठ संदिग्ध लोगों को भर्ती किया गया है। मास्क, सैनिटाइजर और दवाओं के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। - डॉ. रामजी पांडेय, सीएमओ जौनपुर।