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पैसों का बंदोबस्त करते रहे और बालक ने दम तोड़ दिया
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Wed, 16 Nov 2016 01:05 AM IST
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स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद में बीमार बालक को जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किए जाने के बाद परिवार के लोग पैसों का बंदोबस्त करते रहे और उसने दम तोड़ दिया। शादी के जश्न का माहौल मातम में बदल गया।
मुस्तफाबाद गांव निवासी मो. ईदू के पुत्र समीर (12) चार दिन पहले बुखार से पीड़ित हुआ तो उसका इलाज मछलीशहर में एक निजी नर्सिंग होम में शुरु हुआ। आराम नहीं मिला तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार को जिला अस्पताल से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया।
परिजनों का कहना है कि वाराणसी ले जाने के लिए पैसों का बंदोबस्त किया जा रहा था। हजार और पांच सौ रुपये का नोट न तो मेडिकल वाले ले रहे और न ही किसी अस्पताल में डाक्टर ले रहे। इस नाते सौ पचास रुपये या दो हजार के नए नोट का इंतजाम करने में देर हो गई और और बालक की मौत हो गई।
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मंगलवार को ही ईदू की भतीजी की शादी थी। बालक की मौत के कारण घर में शादी के जश्न का माहौल मातम में बदल गया।
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मुस्तफाबाद गांव निवासी मो. ईदू के पुत्र समीर (12) चार दिन पहले बुखार से पीड़ित हुआ तो उसका इलाज मछलीशहर में एक निजी नर्सिंग होम में शुरु हुआ। आराम नहीं मिला तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार को जिला अस्पताल से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया।
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परिजनों का कहना है कि वाराणसी ले जाने के लिए पैसों का बंदोबस्त किया जा रहा था। हजार और पांच सौ रुपये का नोट न तो मेडिकल वाले ले रहे और न ही किसी अस्पताल में डाक्टर ले रहे। इस नाते सौ पचास रुपये या दो हजार के नए नोट का इंतजाम करने में देर हो गई और और बालक की मौत हो गई।
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मंगलवार को ही ईदू की भतीजी की शादी थी। बालक की मौत के कारण घर में शादी के जश्न का माहौल मातम में बदल गया।