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थाने के गेट पर शव रख ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

Thu, 22 Jan 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Thu, 22 Jan 2015 11:37 PM IST
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The villagers kept body perform at the gate of the police station
मारपीट में घायल 48 वर्षीय जियालाल राजकीय चिकित्सालय से लेकर थाने तक  दौड़ता रहा और तीस घंटे तक उसका उचित इलाज नहीं शुरू हो सका। नतीजा यह रहा कि इलाज के  अभाव में उसकी मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार को सरपतहां थाना गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिए शव को पुलिस को सौंपा। वाकया सरपतहा थाना क्षेत्र के जमदरा गांव का है।
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सरपतहा थाना क्षेत्र के जमदरा गांव में 20 जनवरी को सुबह करीब 8 बजे भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। विपक्षियों ने लाठी से हमला कर जियालाल बिंद (45) और उनके भाई सेवालाल बिंद (32) को घायल कर दिया। लाठी के वार से जियालाल का सिर फट गया। आरोप है कि जियालाल के पेट में चाकू भी लगी थी। खून से लथपथ जियालाल को लेकर परिवार के लोग इलाज के लिए राजकीय चिकित्सालय शाहगंज पहुंचे।
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वहां डाक्टर ने यह कहते हुए इलाज करने से मना कर दिया कि मारपीट का मामला है घायल के साथ जब तक पुलिस नहीं आएगी तब तक वह इलाज के लिए हाथ नहीं लगा सकते। वहां से घायल जियालाल को लेकर लोग थाने पहुंचे तो बताया गया कि थानाध्यक्ष अभी नहीं हैं वह आएंगे तभी कुछ कार्यवाही होगी। जियालाल के परिवार के लोगों का कहना है कि थानाध्यक्ष रमेश यादव शाम को पहुंचे तो पुलिस के साथ सीएचसी भेज दिया। उस वक्त सीएचसी पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि डाक्टर जा चुके हैं और अस्पताल बंद हो चुका है।
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साथ में गया सिपाही अगले दिन आने को कहकर घायल जियालाल को घर भेज दिया। अगले दिन बुधवार को उसे लेकर लोग थाने पहुंचे तो पुलिस इलाज के लिए सीएचसी ले गई। डाक्टर ने चोट देखी तो मामला गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए गांव के लोग शव लेकर गुरुवार को सरपतहा थाने पहुंच गए।


थाना गेट पर शव रख कर जाम कर दिया। थानाध्यक्ष रमेश यादव ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ रमेश यादव का कहना है कि जियालाल घायलावस्था में जब थाने आया था  तो उसकी चोट गंभीर नहीं लग रही थी। दूसरे दिन सीएचसी पर दिखाया गया तो वहां भी डाक्टर ने बताया कि चोट गंभीर नहीं है, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ी तो डाक्टर ने रेफर कर दिया।

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